चुनाव आचार संहिता ने विद्युतीकरण को जोरदार झटका दिया है। एक माह से 1513 मजरों में विद्युतीकरण का कार्य ठप है। आचार संहिता उल्लंघन के खौफ में ठेकेदार ने काम बंद करा रखा था। एक माह से काम ठप होने के कारण विद्युतीकरण का काम काफी पिछड़ गया है। चुनाव खत्म होने के बाद ठेका लेने वाली कंपनी ने विद्युतीकरण का कार्य शुरू कराने की पहल तेज कर दी है।
जिले के 619 गांवों के 1740 मजरों में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत विद्युतीकरण का कार्य शुरू कराया गया था। इनमें से अब तक 222 मजरों में ही विद्युतीकरण हो सका है। 1513 मजरों में विद्युतीकरण होना है। मजरों को ऊर्जीकृत करने की जिम्मेदारी विभाग ने हैदराबाद की एजेंसी मेसर्स विश्वनाथ प्रोजेक्ट को दिया है। काम मिलने के बाद से ही कंपनी विद्युतीकरण में लापरवाही बरत रही थी। ठेका लेने वाली कंपनी ने करीब तीन महीने तक काम ही नहीं शुरू कराया था।
इससे विद्युतीकरण का कार्य प्रभावित हुआ। एक्सईएन प्रभाकर पांडेय ने कार्रवाई करने की चेतावनी संस्था को दी तो काम शुरू कराया गया। ठेकेदार ने अगस्त 2016 से काम शुरू कराया। जनवरी के अंत तक 95 गांवों के 227 मजरों में विद्युतीकरण करा दिया गया। बाकी की ग्राम सभाओं में पोल गिराने के बाद काम बंद कर दिया गया। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि चुनाव आचार संहिता लगने के कारण उन्होंने काम बंद कराया था। इसको लेकर शिकायत होने का अंदेशा था। कंपनी ने विद्युतीकरण कराने से अपना हाथ खींच लिया था। अब चुनाव खत्म होने के बाद संस्था बचे हुए गांवों में काम शुरू कराने की कवायद में जुट गई है। एक्सईएन प्रभाकर पांडेय का कहना है कि शेष गांवों में जल्द ही विद्युतीकरण कराया जाएगा।
राजीव गांधी विद्युतीकरण का काम फरवरी में धीमा रहा। संस्था ने 40 लाख रुपये का काम कराया, लेकिन भुगतान दस लाख का ही हो सका था। चुनाव की वजह से कार्य को लेकर शिकायत भी हो सकती थी, इसलिए काम रोका गया था।
प्रभाकर पांडेय, एक्सईएन विद्युत