तथागत की तपस्थली कौशाम्बी में श्रीलंका बुद्ध विहार के पास सोमवार रात बाहर खड़ी टूरिस्ट बस पर बिजली का केबल जल कर गिर गया। बस के अंदर मौजूद ड्राइवर-खलासी ने कूदकर अपनी जान बचाई। गनीमत रही कि हादसे के वक्त पर्यटक बस के अंदर नहीं थे, अन्यथा बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
पर्यटक स्थल कौशाम्बी में विद्युत उपकेंद्र गोपसहसा से बिजली की आपूर्ति की जाती है। मंदिर के प्रबंधक टी.सिरी विशुद्धी महाथेरो के मुताबिक इस समय प्रतिदिन श्रीलंका व म्यांमार से बड़ी संख्या में बौद्ध दर्शनार्थी आ रहे हैं।
सोमवार को भी श्रीलंका के बौद्ध धर्मावलंबियों का एक जत्था वाराणसी से बस पर सवार होकर दर्शन के लिए आया था। रात में पर्यटक मंदिर के अंदर थे। जबकि, टूरिस्ट बस बाहर सड़क के किनारे खड़ी थी। इसी दौरान ऊपर से गुजरा बिजली का केबल टूट कर बस पर गिर गया।
केबल गिरा तो बस में मौजूद ड्राइवर-खलासी ने कूद कर किसी तरह जान बचाई। स्थानीय ग्रामीणों की सूचना पर उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति बंद की गई। इसके बाद मौके पर पहुंचे विद्युत कर्मी लाइन काटकर चले गए।
उधर, हादसे की जानकारी होते ही टूरिस्टों में खलबली मच गई। गनीमत रही कि हादसे के वक्त पर्यटक बस के अंदर नहीं थे, वर्ना बड़ी अनहोनी हो सकती थी। उपकेंद्र के अवर अभियंता शंकर लाल ने बताया कि सूचना पर रात में सप्लाई बंद करवा दी गई थी। मंगलवार को केबल जोड़ कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
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महीने भर पहले ही बदला गया था केबल
-जिले भर में इस समय बिजली के तार हटाकर नए केबल लगाए जा रहे हैं। इसी के तहत महीने भर पहले ही क्षेत्र में भी तार हटाकर केबल लगाए गए हैं। क्षेत्र के राजू केसरवानी, भोला निषाद, गंगाराम आदि ने आरोप लगाया कि केबल की गुणवत्ता ठीक नहीं है। नतीजा सामने है, महीने भर के अंदर ही केबल खराब होकर गिर रहे हैं।