मंझनपुर। नगर के ओसा स्थित वृद्धाश्रम में रविवार को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया गया। यहां पर बुजुर्गों को फल के साथ वस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
जिला समाज कल्याण अधिकारी दिलीप कुमार कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने वृद्धजनों को फल और कपड़े दिए। कहा कि वृद्धजन धरोहर से कम नहीं हैं। इनकी सेवा करने से पुण्य मिलता है। वृद्धाश्रम के संचालक आलोक राय ने कहा कि वृद्धजनों की समाज को जरूरत होती है। कोई भी इससे इन्कार नहीं किया जा सकता। जिन घरों में बुजुर्ग हों, उनके बच्चों में संस्कार आसानी से आ जाते हैं।
सफलता की दौड़ में बुजुर्गों को छोड़ा पीछे
नेवादा। ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय तिलगोड़ी में अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस को दादा-दादी, नाना-नानी दिवस के रूप में मनाया गया। प्रधानाध्यापक डॉ. राम नेवाज सिंह ने सभा का आयोजन किया। गांव के तमाम वृद्धजनों को सम्मानित किया गया। प्रधानाध्यापक ने कहा कि सफलता की दौड़ में हमने बुजुर्गों को पीछे छोड़ दिया है। उनकी जरूरत को पूरा करने के लिए ना तो हमारे पास समय है और ना ही रुचि। ग्रामीण क्षेत्र में तो फिर भी बुजुर्गों का सम्मान है, लेकिन शहरी इलाकों में इसमें कमी आई है।
इस मौके पर शिव शंकर, फूल सिंह, धीरेंद्र सिंह, बृजभान, रंजीत, शरद कुमार, शिवकुमार, कन्या देवी, सोमवारी आदि मौजूद रहे। वहीं प्राथमिक विद्यालय अमिरसा में भी कार्यक्रम हुआ। प्रधानाध्यापिका अनुराधा पांडेय ने छात्रों को बुजुर्गों की सेवा करने, उनके पास बैठने, उनका सम्मान करने आदि की सीख दी।