सरायअकिल के मिनहाजपुर गांव में मनोरोगियों की सेवा और देखभाल के लिए खुले वन अम्ब्रेला चैरिटेबल ट्रस्ट में रह रहे बुजुर्ग मनोरोगी की मंगलवार रात तबियत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। ट्रस्ट में मनोरोगी डाक्टरों की निगरानी में था और वहीं उसका इलाज भी चल रहा है। सूचना पर आई पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुरखास के समीप मिनहाजपुर गांव में मनोरोगियों के इलाज,सेवा और देखभाल के लिए वन अम्ब्रेला चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम से संस्था खुली है। संस्था के संचालक अनुज प्रताप सिंह ने बताया कि तीन जून 2024 को प्रयागराज के काॅल्विन अस्पताल के पास टहल रहे एक मनोरोगी भैयालाल (70) को संस्था में लाया गया था।
तब से वह यहीं रह रहे थे। डाॅक्टरों की निगरानी में ही उसका इलाज चल रहा था। अनुज प्रताप के मुताबिक, मनोरोगी भैयालाल की तबियत एक सप्ताह से खराब थी। डॉक्टर उसका इलाज कर रहे थे। मंगलवार रात उसे दवा खिलाकर सुलाया गया था, लेकिन बुधवार सुबह वह मृत पाया गया।
शव के पोस्टमार्टम के बाद संचालक अनुज प्रताप सिंह ने प्रयागराज के दारागंज स्थित बिजली शवदाह गृह लेजाकर अंतिम संस्कार करवा दिया। इस संबंध में निरीक्षक शेर सिंह वर्मा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था, रिपोर्ट के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।