अंडे-चिकन की घटी, हरी सब्जियों की बढ़ी मांग
कोरोना के खौफ से दोआबा में हफ्ते भर में घट गया एक चौथाई कारोबार
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। कोरोना वायरस का खौफ दोआबा के बाजार में भी दिखने लगा है। हफ्ते भर से कारोबार प्रभावित हुआ है। इलेक्ट्रिक-इलेक्ट्रॉनिक सामानों, खिलौने, मोबाइल फोन के साथ-साथ मीट के कारोबार पर भी असर पड़ा है। कारोबारियों के अनुसार बिक्री में करीब एक चौथाई गिरावट आई है।
अमर उजाला ने मंगलवार को बाजार की पड़ताल की। इस दौरान कोरोना का कहर साफ नजर आया। कारोबारियों ने बताया कि जब से कोरोना के संक्रमण की बात फैली, तब से अब तक हफ्ते भर में 25 फीसदी कारोबार प्रभावित हुआ है। सामूहिक आयोजनों पर रुकावट के कारण सामानों की बिक्री घटी है। चाइनीज सामानों की बिक्री तो तकरीबन बंद है। इसके अलावा अन्य सामान की भी बिक्री घट गई है। चीन से एलईडी लाइट, एलईडी झालरें, बल्ब, पंप, पंखा, मोटर, स्विच आदि उपकरणों का आना बंद होने से बाजार में इनकी कमी है। कुछ दुकानों पर जो सामान है भी वह करीब 40 फीसदी महंगे बेचे जा रहे हैं। ऐसे में खरीदार भी कम हो गए हैं। कारोबारियों के मुताबिक व्यापार में एक चौथाई की कमी आई है। चीन से आयातित मोबाइल फोन और मोबाइल एसेसरीज तो मार्केट से गायब होते जा रहे हैं। हेडफोन, ब्लूटूथ, चार्जर, फोन कवर के दामों में 20 से 30 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है। कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया में फैली अफवाहों से अंडे और चिकन की भी मांग घटती जा रही है। वहीं कटहल समेत अन्य हरी सब्जियों की मांग बढ़ गई है। माना जा रहा है कि लोग नॉनवेज के विकल्प में इन सब्जियों को पसंद कर रहे हैं। ऐसे में इसका असर इनके दामों पर दिखाई दे रहा है। अंडे की एक क्रेट जहां पहले 140 रुपये में बिकती थी, अब घटकर 80 से 100 रुपये के बीच पहुंच गई है। वहीं चिकन जहां 15-20 दिन पहले करीब 180 रुपये प्रति किलोग्राम में बेचा जा रहा था, अब तकरीबन 100 रुपये प्रति किलो हो गया है। सब्जी मार्केट पर गौर करें तो कटहल की डिमांड पहले की अपेक्षा तेजी से बढ़ी है। दुकानदारों के मुताबिक कटहल 15 दिन पहले करीब 30 रुपये किलो बिकता था, अब 40 रुपये किलो के आसपास बिक रहा है।