निजी स्कूलों की तर्ज पर परिषदीय विद्यालयों में भी पुरातन छात्र सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। सत्र के अंत में अनिवार्य रूप से इसका आयोजन अब होगा। इसकी तैयारी स्कूलों ने शुरू कर दी है। बीएसए ने आयोजन को लेकर निर्देश भी जारी कर दिए हैं। पुरा छात्रों का विद्यांजलि पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाएगा।
परिषदीय स्कूलों के पुरातन छात्र अच्छे पदों पर काम कर रहे हैं। उन्हें स्कूल में आमंत्रित कर पुरातन छात्र सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि नए छात्र पुराने छात्रों से सीख लें। उनके संघर्ष को समझते हुए आने वाले दिनों में किस प्रकार कार्य करना है, इसे सीखें। इसके साथ ही विभाग पूर्व छात्रों की मदद से विद्यालयों की सूरत चमकाने पर भी विचार कर रहा है। इन छात्रों का विद्यांजलि पोर्टल पर पंजीकरण भी कराया जाएगा।
क्या है विद्यांजलि पोर्टल
परिषदीय विद्यालय गांव व आसपास के लोगों का विद्यांजलि पोर्टल पर पंजीकरण कर उनकी मदद से स्कूल के इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की तैयारी है। पंजीकृत लोग स्कूल को अपनी क्षमता के अनुसार धनराशि देकर निर्माण के साथ ही सामग्री दे सकते हैं।
मदद की उम्मीद
- परिषदीय स्कूलों के पुरातन छात्र इन दिनों डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी व कारोबारी के साथ ही अन्य पद पर काम कर रहे हैं। यह विद्यालय आते हैं तो इनसे फर्नीचर, डिजिटल सामग्री, कमरे के निर्माण के लिए मदद मांगी जाती है।
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. जिले के सभी परिषदीय स्कूलों में पुरातन छात्र सम्मेलन के आयोजन का निर्देश दिया गया है। यह आयोजन मार्च में होगा। स्कूल इसे अपनी सुविधा के अनुसार करा सकता है। - डॉ. कमलेंद्र कुशवाहा, बीएसए