बुनियादी शिक्षा प्राइमरी शिक्षा को कहा जाता है। कौशाम्बी में यह बुनियाद ही पूरी तरह से हिली हुई है। परिषदीय विद्यालयों में खुलेआम छात्र नकल कर परीक्षा दे रहे हैं। किताब से देखकर वह प्रश्नों का जवाब देते हैं और शिक्षक गप्प मारते रहते हैं।
जिले के सवा लाख छात्रों का परिषदीय विद्यालयों में पंजीकरण है। नकल के लिए कुख्यात इस जनपद में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के ही परीक्षार्थियों का ही जोर नकल पर नहीं है, बल्कि प्राइमरी के छात्रों के बीच यह खेल चल रहा है। मंझनपुर के हजरतगंज प्राथमिक विद्यालय के छात्र मंगलवार को परीक्षा के दौरान किताब से नकल करते हुए मिले। शिक्षक आपस में गप्प मार रहे थे और छात्र बड़े इत्मिनान से नकल करने में मशगूल थे। वहीं चक नगर प्रथम में स्थित प्राइमरी विद्यालय के छात्र परीक्षा के दौरान मस्ती करते हुए मिले। विद्यालय में छात्र इधर-उधर घूम रहे थे, लेकिन शिक्षक बेफिक्र थे। यह मंझनपुर का हाल है। मंझनपुर जिला मुख्यालय है।
यहीं बीएसए व एबीएसए का दफ्तर भी है। गांवों के स्कूलों का क्या हाल होगा, इसका अंदाजा ही लगाया जा सकता है। जूनियर विद्यालयों में नकल धड़ल्ले से छात्र कर रहे हैं। कक्षा छह, सात और आठ के परीक्षार्थी बिना किसी डर व भय के किताब से नकल कर कापी लिख रहे हैं। बीएसए दलश्रृंगार यादव का कहना है कि सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि वह शुचितापूर्ण परीक्षा कराएं। यदि इसके बाद भी लापरवाही हो रही है तो, जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी।