मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग की ओपीडी में मरीजों का इलाज करते डॉक्टर। संवाद
लगातार हेडफोन और ईयरफोन का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रहा है। मेडिकल कॉलेज के नाक, कान और गला (ईएनटी) विभाग के डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक और ऊंची आवाज में हेडफोन व ईयरफोन का प्रयोग बच्चों और बड़ों दोनों के लिए हानिकारक साबित हो रहा है।
मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग के डॉ. पंकज तिवारी ने बताया कि रोजाना ओपीडी में लगभग 150 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। इनमें से करीब 30-35 मरीज ऐसे हैं जिन्हें सुनने की क्षमता कम होने, कान में लगातार आवाज, चक्कर आना और असंतुलन जैसी गंभीर समस्याएं हो रही हैं।
डॉक्टर के अनुसार हेडफोन और ईयरफोन का अधिक उपयोग श्रवण शक्ति को प्रभावित करता है और समय रहते सावधानी न बरती जाए तो यह स्थायी बहरेपन तक का कारण बन सकता है।
ओपीडी में पहुंचे मरीज राजू, देवराज और श्यामू ने बताया कि लगातार मोबाइल पर गाने सुनने और वीडियो देखने की आदत के कारण उन्हें कान में तकलीफ होने लगी। डॉक्टरों का कहना है कि तेज आवाज में 60 मिनट से ज्यादा समय तक हेडफोन का उपयोग करना बेहद हानिकारक है।
विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि हेडफोन का उपयोग कम से कम करें। इसकी आवाज हमेशा धीमी रखें और बीच-बीच में कानों को आराम दें। बच्चों को विशेष रूप से इस आदत से बचाने की जरूरत है क्योंकि छोटी उम्र में होने वाला नुकसान लंबे समय तक सुनने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।