भवन नहीं बनने के कारण साल भर के लिए पिछड़ा मेडिकल कॉलेज का संचालन
काम की प्रगति देखने पहुंचे डीएम ने कार्यदायी संस्था के अफसरों को लगाई फटकार
फोटो संख्या- 12
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। भवन न बन पाने के कारण मेडिकल कॉलेज का संचालन एक साल के लिए और पिछड़ गया है। बुधवार को कॉलेज भवन निर्माण की प्रगति देखने पहुंचे डीएम का पारा इसे लेकर चढ़ा रहा। धीमी प्रगति पर उन्होंने कार्यदायी संस्था के अफसरों को जमकर फटकार लगाई।
करीब 330 करोड़ की लागत से जिले में मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। मई-2021 में इसका काम शुरू हुआ था और नववंबर-2022 में इसे बनकर तैयार होना था। वर्ष-2023 से यहां पढ़ाई शुरू कराने की योजना थी, लेकिन अब तक यह भवन बनकर तैयार नहीं हो पाया है। इस बीच कई बार कार्यदायी संस्था को दी गई मोहलत बढ़ाई गई। इस बार अगस्त तक का समय दिया गया था, लेकिन काम पूरा नहीं हो सका। मेडिकल काॅलेज का जहां 80 फीसदी काम हुआ है तो अस्पताल में बन रहे हॉस्पिटल के भवन का 40 फीसदी काम ही कराया गया है। अब शासन ने अक्तूबर तक समय सीमा बढ़ा दी है। फिलहाल कार्यदायी संस्था के ढिलाई के चलते इस मेडिकल कॉलेज का संचालन एक साल और पिछड़ गया है। सीएमएस डॉ. एसके शुक्ला का कहना है कि अब अगले सत्र से ही यहां प्रवेश और कक्षाएं शुरू हो पाएंगी।
-
लापरवाही बरती तो होगी कार्रवाई
मंझनपुर। सुजीत कुमार ने कादीपुर में बन रहे मेडिकल कॉलेज का जायजा लिया। एकेडमिक बिल्डिंग, गर्ल्स एवं ब्वायज हॉस्टल आदि का निरीक्षण किया। इस दौरान काम की प्रगति धीमी मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई। कार्यदायी संस्था के अफसरों को खूब खरीखोटी भी सुनाई। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय पर काम पूरा न हुआ तो संस्था के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखापढ़ी की जाएगी। इस मौके पर पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-प्रथम प्रयागराज के एक्सईएन केके श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।