चायल के फतेहपुर सहावपुर में धान की रोपाई करते मजदूर-संवाद।
सदर तहसील के अमुरा गांव में बिजली गिरने से हुई दो मौतों के साथ ही मुख्यालय समेत 52 गांवों की बत्ती भी गुल हो गई। इस दौरान तकरीबन पभावित इलाके के करीब 16 हजार उपभोक्ता बिजली-पानी के साथ उमस भरी गर्मी से परेशान रहे। करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद इंजीनियरों की टीम ने शाम छह बिजली आपूर्ति बहाल की। तब, जाकर लोगों ने राहत महसूस की।
शनिवार दोपहर 12 बजे मूसलाधार बारिश के बीच तेज गर्जना के साथ अमुरा गांव में बिजली गिरी। इसकी चपेट में आने से धान की रोपाई कर रही महिला व किशोरी समेत दो लोगों की मौत हो गई। साथ ही दो अन्य किशोरियां झुलस गईं। अवर अभियंता चंद्रिका प्रसाद मौर्य ने बताया कि बिजली गिरने के कारण टेंवा उपकेंद्र से मंझनपुर उपकेंद्र आने वाली मुख्य लाइन के चार डिश-इंसूलेटर पंचर हो गए थे।
इसी के साथ मुख्यालय मंझनपुर समेत उपकेंद्र के सभी नौ फीडरों से जुड़े 52 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
चार घंटे की पेट्रोलिंग के बाद शाम चार बजे फाॅल्ट की जानकारी हुई। इसके बाद इंजीनियरों की टीम ने गड़बड़ी दुरुस्त कर शाम छह बजे बिजली आपूर्ति बहाल की।
दिन भर बिजली गुल रहने की वजह से प्रभावित उपभोक्ता उमस से परेशान रहे। इनकी संख्या करीब 16 हजार रही। नगर क्षेत्र में कई जगह पर पेयजल की भी दिक्कत हुई। लोगों ने हैंंडपंप से पानी भरा। कई लोगों ने पड़ोसियों की मदद ली।
चायल के फतेहपुर सहावपुर में धान की रोपाई करते मजदूर-संवाद।
चायल के फतेहपुर सहावपुर में धान की रोपाई करते मजदूर-संवाद।
चायल के फतेहपुर सहावपुर में धान की रोपाई करते मजदूर-संवाद।