जलनिकासी की बदइंतजामी से बूंदाबांदी में ही सरायअकिल बस स्टेशन तालाब बन गया है। स्टेशन परिसर में घुटनों तक पानी भरा हुआ है। इससे सड़क पर ही बस खड़ी करके सवारियों को चढ़ाया-उतारा जाता है। वहीं सड़क किनारे खड़े होकर ही लोगों को बसों का इंतजार भी करना पड़ता है। आरोप है कि कई बार इसकी शिकायत भी की गई। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।
कौशाम्बी की सबसे पुरानी बाजार सरायअकिल में परिवहन विभाग का बस अड्डा है। यहां से इलाहाबाद और कानपुर के लिए बस सेवाएं भी है। पर, यह बस अड्डा अव्यवस्था का शिकार हो गया है। सबसे ज्यादा बदइंतजामी स्टेशन परिसर पर जलजमाव से है। जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के दौरान आसपास के कस्बे और सड़क का सारा पानी बहकर स्टेशन परिसर में ही भर जाता है। बस अड्डे पर घुटनों तक पानी भरे होने के कारण लोगों को स्टेशन के भीतर जाना संभव नहीं होता है। वहीं बसें भी स्टेशन तक नहीं जा पाती है।
इससे सवारियों को चढ़ाने और उतारने के लिए बसों को सड़क पर ही खड़ी करना होता है। वहीं सड़क किनारे खड़े होकर यात्रियों को वाहनों का इंतजार करने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है। कस्बे के रहने वाले भोला सिंह, राम लौटन चौरसिया, सीताराम, वीरेंद्र रस्तोगी, लल्लू सिंह, पप्पू सिंह, मंगल सेन, मुस्ताक अहमद, तूफानी, अनीस अहमद, अफसार अहमद आदि ने बताया कि कई बार नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी, अध्यक्ष और स्टेशन प्रभारी से शिकायत भी की गई। इसके बाद भी जलनिकासी की व्यवस्था का इंतजाम नहीं हो सका है। मामले में स्टेशन प्रभारी रामा यादव ने बताया कि विभागीय अफसरों के साथ ही नगर पंचायत के अध्यक्ष ईओ को लिखा-पढ़ी की गई है। प्रयास किया जा रहा है कि जल्द ही नाली का निर्माण कराकर जलनिकासी की व्यवस्था की जाए।