दिनों दिन जल स्तर नीचे खिसकने से जिले के ग्रामीण इलाकों में पेयजल की समस्या गहराती जा रही है। ग्रामीणाें द्वारा आए दिन जिला व ब्लॉक अधिकारियों के दफ्तरों में प्रदर्शन कर हैंडपंप लगाने व रिबोर की मांग की जा रही है लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। ऐसा ही मामला बुधवार को नेवादा ब्लॉक के मुस्तफाबाद के मजरा गांव पिपरहटा में देखने को मिला है।
जिला मुख्यालय मंझनपुर आए दर्जनों की तादाद में महिला और पुरुषों ने प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर पेयजल किल्लत के निपटारे की मांग दोहराई। ग्रामीणों का कहना था कि बस्ती में लगभग 150 घर की आबादी है। जिसमें दर्जनों की तादाद में हैंडपंप लगे हैं लेकिन ज्यादातर हैंडपंप या तो ठप है या फिर पानी की जगह कीचड़ उगलना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने ब्लॉक में बीडीओ का घेराव किया तथा मांग की गई कि हैंडपंपों का रिबोर कराया जाए।
जिस पर अफसरों ने शीघ्र समस्या निदान का आश्वासन देेकर वापस कर दिया लेकिन अब तक कुछ नही हो सका है। बृहस्पतिवार को रमाशंकर, अवधेश कुमार, लालचन्द्र, दिनेश कुमार, रानी देवी, संगीता, राजरानी ,रंजीत कुमार, संजय, अरविंद कुमार, मोनू कुमार आदि लोग मांग किया कि जांच कराकर नए हैंडपंप लगाए जाए जिससे लोगों को पानी किल्लत से निजात मिल सके।
जिला मुख्यालय में पेयजल के लिए बिछाई गई पाइप लाइन समदा मार्ग पर कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। जिससे पानी दिन-रात सड़क पर बहता रहता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी नगर पंचायत प्रशासन द्वारा उसे दुरुस्त नहीं कराया जा रहा है। जिसे लेकर लोगों में आक्रोश है।