चायल कस्बे के विभिन्न वार्डों में जगह-जगह नाली चोक होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। ऐसे में सड़कों से वाहन गुजरने पर गंदे पानी की छीटें लोगों पर पड़ता है या फिर मकानों की दीवारों पर गिरता है। इससे आए दिन विवाद होते हैं। इस समस्या की ओर न तो नगर प्रशासन और न ही स्थानीय जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहे हैं।
बताया जाता है कि कुछ दिनों पहले शासन की तरफ से कस्बे में स्वच्छता रैंकिंग का सर्वे भी किया जा चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाली गहरी कर साफ -सफाई करवा दी जाए तो समस्या खत्म हो जाएगी। वार्ड नंबर तीन गांधीनगर के छोटेलाल, लखन, राकेश, सुनीता व रामनाथ आदि ने बताया कि सभी मोहल्लों का गंदा पानी यहीं से निकलता है, लेकिन नाली चोक होने के कारण पानी सड़क पर ही भरा रहता है। इससे आसपास के लोग बदबू से परेशान रहते हैं। नाली का पानी सड़क पर बहने से सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही है। स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे भी मजबूरन गंदे पानी से होकर गुजरते हैं। नगर प्रशासन का कहना है कि सड़क पीडब्ल्यूडी की है। इसलिए वह कुछ नहीं कर सकते हैं। इसी तरह से वार्ड दो नईम मियां का पूरा, वार्ड नौ अशोक नगर, वार्ड दस 10 प्रीतम नगर समेत कस्बे के विभिन्न मोहल्लों में चारों तरफ गंदगी पसरी है। जगह जगह नालियां पटी हैं।
घरों का पानी सड़कों पर बहता है। राजेंद्र सिंह, महेश, परवेज, अशोक आदि का कहना है कि इन दिनों कस्बे की मुख्य समस्या नाली व गंदगी है। नियमित साफ-सफाई नहीं होने से हर तरफ नाली का पानी सड़कों पर बहता है। वहीं गंदगी के कारण मच्छर भी तेजी से पनप रहे है। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। घरों से निकलने वाला गंदा पानी नालियों से ओवर फ्लो होकर बह रहा है। जिसके चलते स्थानीय लोग स्वयं ही नालियां साफ करते हैं। लेकिन नालियों में मलवा अधिक भरा होने के कारण सही तरीके से साफ नहीं हो पाती है। वहीं ईओ चायल का कहना है कि क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए डीपीआर भेज दिया गया है। विभागीय अधिकारियों के साथ ही स्थानीय विधायक को भी जानकारी दी गई है। जल्द ही मरम्मत का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। चोक नालियों की सफाई की व्यवस्था की जाएगी।