जिले के चार ब्लाकों के 11 गांवों में अंत्येष्टि स्थलों का निर्माण हो रहा है। शेष रकम जारी न होने से अंत्येष्टि स्थल अधूरे हैं। समीक्षा बैठक में इसका खुलासा हुआ तो डीपीआरओ ने नाराजगी जताते हुए सहायक विकास अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह तीन दिन के भीतर शेष रकम जारी कराएं।
कड़ा, नेवादा, सरसवां और कौशाम्बी ब्लॉक के 11 गांवों में अंत्येष्टि स्थल बन रहे हैं। इन अंत्येष्टि स्थलों का निर्माण वर्ष 2014-15 से शुरू है। इसके बाद वर्ष 2015-16 में भी अंत्येष्टि स्थल स्वीकृत हुए थे। एक अंत्येष्टि स्थल की लागत 24 लाख रुपये है। अंत्येष्टि स्थल के निर्माण की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईएस) को दी गई थी। अंत्येष्टि स्थलों के लिए ग्राम पंचायत की ओर जमीन उपलब्ध कराई गई, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। इससे इन गांवों में किसी की मौत होने पर अंत्येष्टि के लिए दूसरी जगहों पर जाना पड़ता है, अथवा दूसरा इंतजाम करना पड़ता है।
अंत्येष्टि स्थलों का निर्माण कराने का मकसद था कि किसी की मौत होने पर लोगों को परेशानी न हो। अंत्येष्टि स्थल के समीप ही लकड़ी का भंडार भी खोलने की व्यवस्था थी। इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर कार्यदायी संस्था व अधिकारी गंभीर नहीं थे। निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया। कार्यदायी संस्था को शेष रकम भी नहीं दी गई है। यह रकम ग्राम पंचायतों की ओर से दी जानी है। समीक्षा बैठक में इसकी जानकारी हुई तो जिला पंचायत राज अधिकारी ने नाराजगी जताते हुए सहायक विकास अधिकारियों को निर्देश जारी किया कि वह तीन दिन के भीतर निर्माण एजेंसी को शेष रकम उपलब्ध कराए।
कितने गांवों में हो रहा निर्माण
जनपद में 11 अंत्येष्टि स्थल बन रहे हैं। एक अंत्येष्टि स्थल की लागत 24 लाख रुपये है। कड़ा में सिपाह, अफजलपुर सातों में निर्माण हो रहा है। इसके अलावा नेवादा ब्लॉक के तिल्हापुर, बड़हरी उपरहार, दुर्गापुर, सरसवां ब्लॉक के बड़हरी उपरहार, जमुनापुर उपरहार, कौशाम्बी ब्लाक के बेरौंचा उपरहार, ऐगवां उपरहार, महिला उपरहार, छेकवा उपरहार गांव हैं।