मंझनपुर। महिला कर्मी से छेड़खानी में फंसे जिला प्रोबेशन अधिकारी (डीपीओ) राजनाथ राम को फिलहाल अभी कुछ दिन और जेल में रहना पड़ेगा। जिला कारागार में बंद डीपीओ के जमानत प्रार्थना पत्र को अदालत ने खारिज कर दिया है।
डीपीओ राजनाथ राम का एक वीडियो करीब 10 दिन पहले सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। जिसमें वह एक महिला कर्मचारी के साथ अश्लील हरकत करता दिखा था। मामला संज्ञान में आने के बाद महिला कर्मचारी से तहरीर लेकर सदर कोतवाली पुलिस ने डीपीओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। 17 दिसंबर को डीपीओ को जेल भेजा गया। इससे पहले भी एक अन्य महिला कर्मचारी ने डीपीओ के खिलाफ छेड़खानी का आरोप लगाया था ।
जेल में निरुद्ध डीपीओ के अधिवक्ता की तरफ से सीजेएम सुशील कुमारी की अदालत में शुक्रवार को जमानत प्रार्थना पत्र दिया गया था। जिसे सीजेएम ने खारिज कर दिया।ऐसे में डीपीओ के फिलहाल जेल से बाहर आने के रास्ता बनता नहीं दिख रहा है। बताते चलें कि जेल में बंद डीपीओ अपराध बोध में आंसू बहाता रहता है। पिछले दिनों उसका ब्लड प्रेशर भी बढ़ गया था। जेल के अस्पताल में इलाज कराने के बाद फिलहाल वह पूरी तरह से स्वस्थ है।