चरवा में दोहरे हत्याकांड की असल वजह क्या है? घटना रणनीति के तहत अंजाम दी गई है या लूट में नाकाम होने पर बदमाशों ने पिता-पुत्र को मौत के घाट उतारा। इसको लेकर असमंजस है। क्या पहचाने जाने के डर से बदमाशों ने वारदात की या फिर कोई दूसरा कारण है। दोहरे हत्याकांड से पुलिस के साथ इलाके के लोग भी हैरान है। हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ने पुलिस की दो टीमें गठित कर दी है।
चरवा थाना क्षेत्र के रामनगर गांव निवासी चंद्रपाल और राजकमल की शुक्रवार की रात जिस बेरहमी से हत्या की जाती है, इससे इलाके लोग हैरान हैं। बाप-बेटे की हत्या बदमाशों ने की या फिर घटना के पीछे कोई और है। सड़क पर तार बांधना फिर पीट-पीटकर मौत के घाट उतार देना। इसके बाद दोनों शवों को अगल-बगल सड़क पर छोड़ देना। कहीं लूटपाट की नीयत से खड़े बदमाशों को चंद्रपाल और राजकमल ने पहचान तो नहीं लिया था। जिसके चलते बदमाशों ने ही वारदात को अंजाम दिया हो। बाप-बेटे की हत्या के बाद से पुलिस के साथ स्थानीय लोग भी तमाम चर्चाएं कर रहे हैं। हालांकि पुलिस अधीक्षक वीके मिश्र ने हत्यारापियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमें गठित की है। बताया कि घटना को अंजाम बदमाशों ने ही दिया है। पुलिस कई पहलुओं पर घटना की जांच कर रही है। वहीं सड़क पर दोनों के शव शनिवार सुबह मिले तो लोग आपे से बाहर हो गए। गुस्साए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया था। सूचना पर 100-डॉयल की गाड़ी लेकर दरोगा शुभेंद्रु शुक्ला व चालक अतर सिंह व सिपाही ऋषिकेश के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस को देखते ही लोग बेकाबू हो गए। हमला बोल दिया। दरोगा व चालक को पीटना शुरू कर दिया। दरोगा की सरकारी पिस्टल छीनने की कोशिश भी की गई।