मंझनपुर। ‘तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है, मगर ये आंकड़े झूठे हैं, ये दावा किताबी है’ मशहूर शायर अदम गोंडवीं की यह लाइन जिले में ठंड से मरने वाले लोगों पर सटीक बैठती है। ठंड की वजह से अब तक दर्जन भर लोगों की जान जा चुकी है लेकिन सात मामलों में कराए गए पोस्टमार्टम में ठंड से मौत की पुुष्टि नहीं हो सकी।
जिले में शीत लहरी का प्रकोप जारी है। दिसंबर के अंतिम सप्ताह से लेकर अब तक करीब एक दर्जन लोगों की ठंड लगने से मौत का दावा किया जा रहा था। इसमें सात मामलों में मृतकों के घरवालों ने पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण ठंड लगना नहीं आया है। इसे लेकर प्रशासन ने सरकारी सहायता देने में हाथ खड़ा कर दिया है। विभागीय आंकड़े की मानें तो अब तक छह शवों पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ चुकी है। जिसमें मौत का कारण ठंड नहीं बल्कि बीमारी आया है। इस वजह से सरकारी की तरफ से दी जाने वाली कोई सहायता मृतक के आश्रितों को नहीं मिल सकेगी।
वहीं अपर जिलाधिकारी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जब तक चिकित्सक मौत का कारण ठंड नहीं लिखता, सरकारी सहायता नहीं दी जा सकती है। अब तक छह मामलों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिली है जिसमें मौत का कारण ठंड नहीं बीमारी बताया गया है। एक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आना बाकी है।