फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहरीकरण की ओर बढ़े दोआबा के कदम

विज्ञापन
doaba is towards the city area - फोटो : KAUSHAMBI
विज्ञापन
शहरीकरण की ओर बढ़े दोआबा के कदम
विज्ञापन

-पूरब-पश्चिमशरीरा, कड़ा-दारानगर व चरवा समेत तीन गांवों को मिला नगर पंचायत का दर्जा
अलविदा-2019
मंझनपुर। साल 2019 दोआबा के लिए सौगातों भरा रहा। जिले के एक बड़े भूभाग का शहरीकरण हुआ। इस साल पूरब-पश्चिमशरीरा, कड़ा-दारानगर व चरवा समेत तीन गांवों को नगर पंचायत का दर्जा मिला। लोग गदगद हैं कि अब उन्हें नगरीय सुविधाएं बिजली, पानी, जलनिकासी और संपर्क मार्ग के लिए डग्गामारी नहीं करनी पड़ेगी।
अविभाजित प्रयागराज का हिस्सा रहे दोआबा को चार अप्रैल 1997 को काटकर कौशाम्बी जनपद के रूप में अलग मान्यता दी गई थी। जिला गठन के 22 साल बाद भी कौशाम्बी में एक अदद शहर नहीं है। वर्ष 2018 में टाउनएरिया भरवारी को नगर पालिका परिषद बनाया गया है। इसके अलावा जनपद में मंझनपुर, सिराथू, चायल,सरायअकिल, अजुहा तथा करारी समेत छह नगर पंचायतें व 436 ग्राम सभाएं हैं। इनमें शीतला धाम कड़ा, चरवा, पश्चिमशरीरा समेत कई ऐतिहासिक एवं धार्मिक गांव शामिल हैं। समृद्धशाली इतिहास को समेटे विशुद्ध रुप से गांवों के इस जिले में नागरिक सुविधाओं का घोर संकट है। ग्रामीण लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। समस्या को देखते हुए शासन ने हाल ही में पूरब-पश्चिमशरीरा, कड़ा-दारानगर व चरवा को नगर पंचायत बनाने की अधिसूचना जारी कर दिया। माना जा रहा है कि गांवों को टाएनएरिया का दर्जा मिलने से नगारिक सुविधाएं मसलन बिजली, पानी, सम्पर्क मार्ग, जलनिकासी, स्कूल-कॉलेज, बैंक, अस्पताल एवं परिवहन की व्यवस्था सुदृढ़ होगी।
विज्ञापन

उम्मीदें 2020- मंझनपुर और सिराथू बनेंगी नगरपालिका
मंझनपुर। जिला मुख्यालय मंझनपुर को नगर पालिका परिषद बनाने के लिए अधिसूचना जारी हो गई है। इसे लेकर जनता की ओर से की गई आपत्तियों का निस्तारण कर डीएम मनीष कुमार वर्मा ने पत्रावली शासन को भेज दिया है। बस कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है। वहीं, सिराथू टाउनएरिया को भी नगर पालिका परिषद बनाने के लिए शासन ने जिला प्रशासन से प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया है। इसके अलावा शहजादपुर ग्रामसभा को भी टाउनएरिया बनाने एवं अजुहा नगर पंचायत का दायरा बढ़ाने के लिए प्रस्ताव मांगा गया है। उम्मीद है कि इन सभी प्रस्तावों को वर्ष 2020 में शासन की स्वीकृत मिल जाएगी। इस तरह से जिले का शहरीकरण होने पर तकरीबन सौ से अधिक गांव निकायों में समाहित हो जाएंगे। इससे ग्राम पंचायतों का कुनबा छोटा होना तय है।
विज्ञापन

चुनौतियां
मंझनपुर। शसन-प्रशासन भले ही जिले का तेजी के साथ शहरीकरण करने में जुटा हो। पर, स्थानीय सियासत इसमें राह का रोड़ा बन रही है। प्रस्तावित नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों में समाहित होने वाले ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान अडंग़ा डाल रहे हैं। उन्हें अपनी सियासी जमीन खोने का डर सता रहा है।

doaba is towards the city area- फोटो : KAUSHAMBI

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें