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डीएम का छापा, ओवरलोड 28 ट्रक पकड़े

Tue, 24 May 2016 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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कौशाम्बी की सड़कों पर रात के अंधेरे में लाल सोने अर्थात बालू का काला कारोबार कैसे परवान चढ़ता है इसका सच डीएम ने अपनी आंखों से देखा। डीएम ने रविवार को रात भर ताबड़तोड़ कार्रवाई की। डीएम ने देखा कि कैसे जिले में यमुना घाटों से बालू का अवैध खनन हो रहा है। ट्रकों से बालू लादकर सीमा के बाहर ले जाया जा रहा है। जाहिर हो गया कि मातहत अवैध खनन को लेकर डीएम को झूठी रिपोर्ट देते हैं। रात के अंधेरे में बालू यानि लाल सोने के काले कारोबार को देख तमतमाए डीएम ने 28 ट्रक पकड़वाकर मंझनपुर कोतवाली में खड़ी करा दिया। डीएम की सख्ती से बालू के काले कारोबारियों में दहशत फैल गई। सोमवार सुबह अवैध खनन के मामले में अफसर डीएम के सवालों का जवाब नहीं दे सके। डीएम ने एलान कर दिया है कि अब अवैध खनन किसी भी कीमत पर नहीं होगा।
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डीएम अखंड प्रताप सिंह ने अमर उजाला में ओवर लोडिंग के मामले में लगातार प्रकाशित हो रही खबरों को संज्ञान में ले लिया है। नतीजा रहा कि रविवार रात 11 बजे डीएम खुद एसपी को लेकर धरपकड़ के लिए निकले। डीएम ने छापेमारी की जानकारी बहुत कम लोगों को दी। दोनों अफसर सड़क पर पहुंचे तो मंझनपुर पुलिस सक्रिय हो गई। इसके बाद ओसा चौराहे से सिराथू रोड पर धड़ाधड़ 28 ट्रकें पकड़ ली गईं। सुबह मंझनपुर कोतवाली के सामने ट्रकों की कतार देख आम लोगों में अवैध खनन को लेकर चर्चा शुरू हो गई। ट्रकों के पकड़े जाने की सूचना रात में ही खनन माफिया और काले कारोबारियों के पास पहुंचनी शुरू हो गईं।

नहीं पकड़ पाए एक भी ट्रक एसडीएम साहब
डीएम के निर्देश पर चायल एसडीएम अश्वनी कुमार श्रीवास्तव भी रात भर सीओ के साथ सड़क नापते रहे, मगर उन्हें एक भी ट्रक बालू लदा नहीं मिला। चर्चा रही कि एसडीएम साहब पहले से ही कह रहे हैं कि उनके यहां अवैध खनन नहीं हो रहा है तो फिर ट्रक कैसे मिलते।
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एसपी को गुमराह करते रहे थानेदार
 एसपी को गुमराह करने में थानेदारों ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। एसपी को गुमराह करने में महेवाघाट, पश्चिम शरीरा, कौशाम्बी, सरांय अकिल और पिपरी थानेदार अव्वल रहे। एसपी ने डीएम को बताया कि घाटों पर खनन पूरी तरह से बंद है। मगर रात में जब एसपी की नजर ट्रकों पर पड़ी तो वह दंग रह गए। डीएम ने पूछा भी तो एसपी कोई जवाब नहीं दे सके।

कार्रवाई से बचने का नहीं दिखा जुगाड़
 डीएम की ताबड़तोड़ कार्रवाई से बालू माफिया और ट्रक मालिक हिल गए। सोमवार को बालू माफिया दिनभर पकड़ी गई ट्रकों को छुड़ाने के लिए परेशान रहे, मगर डीएम का सख्त आदेश देख खनिज अधिकारी ने ट्रकों के खिलाफ बालू के अवैध परिवहन का मुकदमा दर्ज करा दिया है। इससे ट्रक मालिकों के होश उड़े हैं। एक ट्रक पर कम से कम 50 हजार जुर्माना लगेगा।

रात में कार्रवाई के बाद जब ट्रकें मंझनपुर कोतवाली के सामने खड़ी कराई गईं तो चालकों ने मालिकों का फोन घनघनाना शुरू किया। मालिकों ने बालू माफिया को जानकारी दी। इसके बाद पौ फटने के पहले से ही बालू माफिया और ट्रक मालिकों का जमावड़ा कोतवाली में लगने लगा। बालू माफिया को उम्मीद थी कि इस बार भी पुलिस चंद पैसे लेकर मामला रफादफा कर देगी। खनिज अधिकारी भी चुप्पी साधे बैठे थे। मगर डीएम की सख्ती का असर रहा कि सभी ट्रकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया।

पिक्चर ‘सिंडिकेट’ अभी बाकी है
 पिक्चर ‘सिंडिकेट’ अभी खत्म नहीं हुई है। सारे काले कारोबार का मास्टर माइंड सिंडिकेट है। अभी केवल इंटरवल हुआ है। अभी तो केवल प्यादे पकड़े गए हैं। डीएम ने खुद सड़क पर उतर कर लीड रोल ले लिया है। अब देखना है कि डीएम केवल सड़क पर ही दौड़कर पिक्चर ‘सिंडिकेट’ खत्म कर देते हैं या फिर एक बार यमुना के घाटों पर पहुंचकर वहां की भी स्थिति देखेंगे। फिलहाल डीएम के तेवर से तो लग रहा है कि पिक्चर ‘सिंडिकेट’ बहुत मजेदार होगी।

बगैर पुल के चित्रकूट से बालू लादकर आ रही ट्रकें
दोआबा में बालू के एक भी पट्टे नहीं है। ऐसे में कराया जा रहा बालू खनन और परिवहन पूरी तरह से अवैध है। रविवार की रात डीएम ने बालू के अवैध परिवहन के खिलाफ मोर्चा खोला तो कई ट्रकें ताजी निकाली गई बालू लादकर परिवहन करते मिली। इससे जिले में अवैध खनन की पूरी तरह पुष्टि हो गई। मामले में जब खनन अधिकारी अरविंद कुमार से पूछा गया तो उन्होंने जिले में बालू खनन की बात को सिरे खारिज कर दिया। उनका कहना था कि चित्रकूट से आ रही बालू का जिले की सड़कों से परिवहन किया जा रहा है।

खनन अधिकारी के बयान पर जाएं तो महेवाघाट पुल से चित्रकूट की बालू का परिवहन माना जा सकता है लेकिन जिले के डेढ़ावल, पभोषा, महिला, भकंदा, तिल्हापुर, महरनिया, ब्यूर, असरावल खुर्द के सामने यमुना में कौन सा पुल बना है। बहरहाल खनन अधिकारी का यह बयान कितना सही है डीएम ने इसे जान लिया है।

अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन की शिकायतें मिली थी। मामले में एसपी, एसडीएम और खनन अधिकारी को निर्देशित किया गया था। इसके बाद भी सड़कों पर ओवरलोड वाहनों का परिवहन नहीं रुका तो मुझे स्वयं कार्रवाई करने के लिए सड़क पर उतरना पड़ा। यदि अवैध खनन हो रहा है तो यही हश्र बालू कारोबारियों का भी होगा।
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अखंड प्रताप सिंह, डीएम
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