पूर्व जिलाधिकारी ने एपी सिंह ने जिले के दो गांवों और इक्यावनी शक्ति पीठ कड़ा धाम को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने का प्रोजेक्ट तैयार कराया था। शासन में भेजी गई पत्रावली चुनाव के चलते रुक गई थी। नई सरकार में उनका स्थानांतरण पर्यटक सचिव के रूप में लखनऊ हो गया। ऐसे में अब उन्हें जिले को संवारने के लिए अपने खुद के ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने का मौका मिल गया है। बतौर पर्यटन विशेष सचिव कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने जिले की पत्रावली पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
पूर्व डीएम अखंड प्रताप सिंह कौशाम्बी में लगभग 16 माह तक रहे। उनके द्वारा जिले में सरंध की खेती तो अलवारा झील में विलायती बांस की खेती शुरू कराई गई। इसके पीछे पूर्व डीएम की मंशा रही कि जिले में विलायती बम्बू से फर्नीचर उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। सरंध की खेती से दोआबा इत्र तेल का हब बनेगा। इसके अलावा उन्होंने इतिहास के पन्नों में दर्ज कौशांबी (मौजूदा कोसम इनाम-कोसम खिराज) व धार्मिक नगरी कड़ा को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित बनाने का प्रोजेक्ट तैयार कर शासन को भेजा था। पर्यटन स्थल घोषित होने के बाद इन स्थलों का विकास नहीं हो सका था। विधान सभा चुनाव नजदीक होने की वजह से अखिलेश सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया था।
सूबे में नई सरकार सत्ता में आई तो अफसरशाही को दुरुस्त करने में मशगूल हो गई। इससे प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल सकी थी। इसी बीच पूर्व डीएम को पर्यटन विभाग का विशेष सचिव बना दिया गया। पर्यटन का विशेष सचिव बनते ही पूर्व डीएम को शासन से अपना ड्रीम प्रोजेक्ट पास कराने का मौका मिल गया। उनका कहना है कि लखनऊ में रहकर कौशांबी को पर्यटक स्थल के रूम में विकसित करने का अच्छा मौका मिला है। इन दो प्रोजेक्ट पर शासन की मुहर लगते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।