दोआबा के युवाओं को लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब कंप्यूटर के सवालों का सामना करना होगा। तय अवधि के भीतर 16 सवालों में 60 फीसदी सही जवाब न देने पर आवेदक को लर्निंग लाइसेंस परीक्षा में कंप्यूटर फेल घोषित कर देगा। ऐसे में आवेदक लाइसेंसी वाहन चालक बनने से वंचित हो जाएगा। यह व्यवस्था जिले के एआरटीओ कार्यालय में शुक्रवार की सुबह से लागू कर दी जाएगी।
दोआबा में सड़कों पर फर्राटा भरने के लिए युवाओं को अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए कंप्यूटरीकृत परीक्षा का सामना करना होगा। लर्निंग लाइसेंस का आवेदन होने के बाद लाइसेंस लिपिक द्वारा आवेदक की फीस काटी जाएगी। इसके बाद आवेदक की कंप्यूटर पर फोटो खींची जाएगी। फोटों खिंचने के बाद उसे कंप्यूटर के 16 सवालों का सामना करने के लिए स्क्रीन के सामने बैठा दिया जाएगा। कंप्यूटर आवेदक से ड्राइविंग से जुड़े सवाल करना शुरू कर देगा।
एक सवाल का जवाब देने के लिए आवेदक को 30 सेकेंड का समय मिलेगा। 16 सवालों में यदि आवेदक ने 60 प्रतिशत सही उत्तर दिया है तो उसे लर्निंग लाइसेंस जारी करने के लिए कंप्यूटर पास घोषित कर देगा। ऐसा न हुआ तो कंप्यूटर आवेदक को फेल होने का मैसेज देकर सॉरी बोल देगा। यह व्यवस्था सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय में ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के. रवींद्र नायक का पत्र मिलने के बाद आज से लागू कर दी जाएगी।
अनपढ़ के लिए मुसीबत बना नया नियम
दोआबा में अभी तक बाइक और कार पर फर्राटा भरने के लिए परिवहन विभाग अनपढ़ को भी लाइसेंस जारी कर देता था। इसके लिए उसे महज एक हलफनामा देना होता था कि वह अनपढ़ है। लेकिन अब ऐसा ऐसा नहीं होगा। अनपढ़ों को अब एआरटीओ कार्यालय किसी भी कीमत पर ड्राइविंग लाइसेंस नहीं जारी कर सकेगा। क्योंकि अनपढ़ कंप्यूटर द्वारा पूछे जाने वाले सवालों का जवाब अज्ञानता के अभाव में नहीं दे सकेंगे। ऐसे में वाहन चलाने में माहिर अनपढ़ों के लिए लाइसेंस बनवाने का नया नियम मुसीबत बनकर सामने आ गया है।
कंप्यूटर परीक्षा प्रणाली शुक्रवार से लागू कर दी जाएगी। 60 फीसदी सवालों का सही जवाब देने वाले आवेदक को ही लर्निंग लाइसेंस निर्गत किए जाएंगे। कपिल देव सिंह, एआरटीओ प्रशासन