मौसम के करवट लेते ही गांव-गांव संक्रामक बीमारी ने दस्तक देनी शुरू कर दी है। सुबह-शाम गुलाबी ठंड और दोपहर को निकलने वाली धूप लोगों को बीमार बना रही है। सोमवार को जिला अस्पताल में बुखार के मरीज बड़ी संख्या में पहुंचे। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार और जांच के बाद गुलाबी ठंड से बचने की नसीहत दी।
कोहरे की धुंध, बूंदाबांदी के बाद तीखी धूप के साथ मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। दोपहर धूप के बाद शाम गुलाबी ठंड का सितम जारी है। मौसम में उतार-चढ़ाव के साथ मच्छरों की भिनभिनाहट भी तेज हो गई है। ऐसे में गांव-गांव बीमारी ने दस्तक देना शुरू कर दिया है। सोमवार को जिला अस्पताल में सर्दी-जुकाम के साथ बुखार पीड़ितों की लंबी भीड़ लगी। ओपीडी में चिकित्सकों ने करीब ढाई सौ मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए दवा लिखी।
इनमें बरमदीन(20) निवासी बरैसा, छोटेलाल (35) निवासी परास, जितेन्द्र कुमार (22) निवासी लच्छीपुर, मानती देवी (32) निवासी बरक्कतपुर, गीतादेवी (30) निवासी कुंआडीह, शबाना (35) निवासी करारी समेत करीब 150 लोग सर्दी-जुकाम के साथ बुखार से पीड़ित रहे। चिकित्सकों ने उपचार के बाद पीड़ितों को सुबह-शाम की ठंड से बचने की सलाह दी। जिला अस्पताल के डॉ. आर के शर्मा ने बताया कि मौसम के बदलते मिजाज के साथ बीमारों की संख्या बढ़ रही है। मरीजों को सावधानी के साथ जीवन यापन करने की सलाह दी गई है।