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चायल में डायरिया का कहर, दो मासूमों की मौत, दर्जन भर से अधिक बीमार

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चायल कस्बे में मरीजों की जांच करती स्वास्थ्य टीम - फोटो : KAUSHAMBI
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स्थानीय कस्बे में डायरिया बीमारी का कहर है। प्रदूषित पानी पीने से फैली बीमारी से कस्बे में दो मासूमों की मौत हो गई। जबकि, अलग-अलग मोहल्लों के दर्जन भर से अधिक लोग बीमार हैं। मासूमों की मौत से लोगों में दहशत है। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कस्बे के विभिन्न मोहल्लों में शिविर लगाकर बीमार लोगों का इलाज शुरू कर दिया है। बीमारी से बचने के लिए मरीजों को बचाव के तरीके और सुझाव दिए जा रहे हैं।
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चायल कस्बे के आंबेडकर नगर, आजाद नगर, नईम मियां का पूरा पश्चिमी और पूर्वी भाग में इन दिनों डायरिया बीमारी की चपेट में आकर दर्जन भर से अधिक परिवार पीड़ित हैं। शनिवार की शाम से मोहल्ले के कई लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हुई थी। इसके बाद रविवार की सुबह दर्जन भर से अधिक लोग बीमार पड़ गए। चार मासूमों सहित आठ अन्य लोगों की हालत गंभीर होने पर तिलहापुर मोड़ के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
जहां रविवार की शाम वार्ड नंबर चार आंबेडकर नगर निवासी श्रृष्टि (6) पुत्र शिवचंद और मानसिंह (2) पुत्र सुरेश की इलाज के दौरान मौत हो गई। मासूमों की मौत से परिवार में कोहराम और कस्बे में दहशत फैल गई है। सोमवार सुबह सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कस्बे के डायरिया पीड़ित मोहल्लों में डेरा डाल कर मरीजों का इलाज शुरू कर दिया है।
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जर्जर, लीकेज पाइपलाइन से घरों में पहुंच रहा दूषित पानी
कस्बे के आजाद नगर, अंबेडकर नगर और नईम मियां का पूरा मोहल्ले में पानी आपूर्ति के लिए बिछाई गई पाइप लाइन काफी पुरानी और जर्जर है। जगह-जगह लीकेज होने के कारण नालियों में भरा हुआ दूषित पानी पाइप लाइन के जरिए लोगों के घर तक पहुंच रहा है। इसी दूषित पानी के सेवन से कस्बे के लोग बीमार पड़ रहे हैं। कस्बे के लोगों का कहना है कि जर्जर और लीकेज पाइप लाइन दुरुस्त करने के लिए कई बार नगर पंचायत कार्यालय में सूचना दी गई। लेकिन लापरवाही के कारण लीकेज पाइप लाइन नहीं दुरुस्त की गई।
जल निकासी ठप होने से भी बढ़ी समस्या
कस्बे के नईम मियां का पूरा मोहल्ले में जल निकासी के लिए एक नाले का निर्माण कराया गया है। लेकिन मोहल्ले के अंदर से निकलने वाले पानी को नाले तक लाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। हालात यह है कि मोहल्ले का पानी लोगों के घरों और दरवाजों पर इकट्ठा हो रहा है। जलभराव के कारण मोहल्ले में बीमारी बढ़ी है। इससे मवेशियों को भी परेशानी हो रही है।
चायल कस्बे में जलभराव और दूषित पानी के सेवन से डायरिया की बीमारी बढ़ी है। दो मासूमों के मौत की पुख्ता जानकारी नहीं है, लेकिन मोहल्लों में टीम को भेजकर मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है। जल्द ही स्थिति को कंट्रोल में कर लिया जाएगा। डॉ. मुक्तेश द्विवेदी-अधीक्षक, सीएचसी चायल
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