सावन के पहले सोमवार पर शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं ने की पूजा
हर-हर, बम-बम के जयघोष से गूंजे शिवालय
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर/करारी। सावन के पहले सोमवार पर जिले के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा, अर्चना के साथ जलाभिषेक किया। मंदिरों में घंटा-घड़ियाल के साथ हर-हर, बम-बम भोले का उद्घोष दिन भर गूंजते रहे। इसके अलावा गंगा के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। तमाम भक्तों ने घरों पर रुद्राभिषेक कराया।
सावन का महीना भगवान भोलेनाथ का प्रिय महीना है। इस महीने में भगवान आशुतोष की पूजा करने वाले की मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। इसलिए भक्त पूरे महीने शिव की आराधना करते हैं। सावन के महीने के सोमवार का और ज्यादा महत्व है। क्योंकि सोमवार शिव का दिन भी माना जाता है। छह जुलाई से सावन का महीना शुरू हो गया है। छह जुलाई सावन का पहला सोमवार था। सावन के पहले दिन भोर से ही रिमझिम बरसात होती रही। सारा दिन ‘बोल बम’ से गूंजता रहा। हालांकि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते प्रशासन ने शिवालयों में भक्तों को इकट्ठा नहीं होने दिया। इस वजह से परिसर में भीड़ नहीं जुटी। लोगों ने शारीरिक दूरी के साथ सुबह से लेकर शाम तक पूजा-अर्चना की। तमाम श्रद्धालुओं ने घरों में रुद्राभिषेक कर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। भगवान शिव का जल, दूध, दही, शुद्ध घी, शहद, शक्कर या चीनी, गंगाजल तथा गन्ने के रस आदि से स्नान कराकर विशेष पूजन किया गया। मंझनपुर के बड़ा शिवाला, करारी के नवग्रह शिव मंदिर, कृष्ण नगर, सोनारनटोला व अशोक नगर, कड़ा धाम के कालेश्वर मंदिर, तिल्ल्हापुर गांव स्थित ब्रह्मचारी मंदिर में दिन भर भक्तों को पूजा-पाठ करते देखा गया। इससे पहले सुबह गंगा के संदीपन, पल्हना, कंकराबाद व कड़ा के कुबरी, बजाज व कालेश्वर आदि घाटों पर पहुंचकर श्रद्घालुओं ने डुबकी लगाई। तमाम शिव श्रद्धालुओं ने सोमवार को व्रत भी रखा।