कड़ा स्थित शीतला धाम में दर्शन करने के लिए लाइन पर भक्त। संवाद
आषाढ़ मेले में शनिवार को भक्तों ने शक्तिपीठ मां शीतला के दरबार में पालना चढ़ाकर परिवार के सुख-समृद्धि का आशीष मांगा। भोर से ही भक्तों की भीड़ धाम में जुटने लगी थी। गंगा स्नान के बाद देवी धाम पहुंच कर भक्तों ने विधि विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान मेले का लोगों ने खूब आनंद उठाया। गंगा घाट से लेकर देवी मंदिर तक पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था रही।
पूर्वांचल की कुल देवी मां शीतला में पालना चढ़ाने के लिए मिर्जापुर, भदोही, वाराणसी आदि जिलों से लोग बड़ी संख्या में शुक्रवार देर रात से ही देवी धाम पहुंचने लगे थे। शनिवार सुबह गंगा स्नान के बाद भक्तों का कारवां देवी दर्शन के लिए मंदिर के लिए रवाना हुआ। यहां लोग मेले के आठ दिन पहले से पालना लेकर पैदल कड़ा धाम के लिए निकलते हैं। समोगरा मिर्जापुर से आए चिंतामणि ने बताया कि पलना चढ़ाने की परंपरा बहुत पुरानी है। हमारे पूर्वज पहले हिडोला (पालना) चढ़ाते थे। अब उसी परंपरा को वह निभाते आ रहे हैंं। 25 साल से वो पालना माता को चढ़ाते आ रहे हैं। इसी तरह राजा तालाब वाराणसी से आए राम मूरत यादव का कहना है कि गांव में सुख समृद्धि के लिए लोग चंदा इकट्ठा करके लकड़ी का पालना बनवाकर पैदल 20 से 30 लोगों का समूह बनाकर पैदल यात्रा कर देवी धाम पहुंचते हैं।
अषाढ़ अष्टमी के दूसरे दिन शनिवार को माता के पट खुलते ही दर्शनार्थियों की भीड़ जुट चुकी थी। बढ़ती भीड़ को देखकर मंदिर प्रबंध समिति व पुलिस को बैरिकेडिंग लगाकर श्रद्धालुओं को रोकना पड़ा। टुकड़ियां बनाकर भक्तों को माता का दर्शन कराया गया। इस दौरान मंदिर परिसर माता के जयकारे से गुंजायमान रहा। सीओ सिराथू अवधेश विश्वकर्मा स्थानीय पुलिस के साथ मंदिर व गंगा घाट की सुरक्षा में लगे पुलिस के जवानों की निगरानी करते रहे।