नवरात्र के छठवें दिन शुक्रवार को 51 शक्तिपीठ कड़ाधाम में मां कात्यायनी के दर्शन-पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे। सुबह से ही मंदिर में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। दिन चढ़ने के साथ ही मंदिर परिसर में चहल-पहल बढ़ती गई। श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर नारियल, चुनरी और फूल चढ़ाए। मां के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा।
दिनभर श्रद्धालु कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने मां के दरबार में माथा टेककर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। नवरात्र के चलते आसपास के मेला क्षेत्र में भी रौनक बनी रही।धार्मिक मान्यता के अनुसार महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर मां दुर्गा ने उनकी पुत्री के रूप में जन्म लिया था। इसी कारण उनका नाम कात्यायनी पड़ा। मां कात्यायनी को शक्ति और साहस का प्रतीक माना जाता है। भक्त विवाह संबंधी बाधाओं से मुक्ति और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भी मां की आराधना करते हैं।