ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए शासन ने 15 वें वित्त आयोग से टाइड फंड की दूसरी किस्त जारी की है। तकरीबन 17 करोड़ रुपये ग्राम पंचायतों के खाते में पहुंच गए हैं। इस धनराशि गांवों में रुके हुए नाली, खड़ंजा, ठोस-द्रव अपशिष्ट प्रबंधन आदि से जुड़े कार्य कराए जाएंगे।
ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए शासन की ओर से 15 वें वित्त आयोग से टाइड व अनटाइड फंड के तहत बजट जारी किया जाता है। बजट की धनराशि प्रत्येक वित्तीय वर्ष में दो अलग-अलग किश्तों में जारी करने की व्यवस्था है। इस वित्तीय वर्ष में टाइड फंड व अनटाइड फंड की पहली किस्त दिसंबर के पहले ही भेज दी गई थी।
इस राशि से गांवों में विकास कार्य शुरू करा दिए गए, लेकिन बीच में ही धनराशि खत्म हो जाने के कारण तमाम गांवों में विकास कार्य आधे-अधूरे पड़े हैं। ग्राम पंचायतों में बजट को लेकर इंतजार किया जा रहा था। इसी बीच हफ्ते भर पहले शासन ने अनटाइड फंड की दूसरी किस्त भी जारी कर दी है।
शासन की ओर से भेजे गए 16 करोड़ 88 लाख 42 हजार 554 रुपये मंगलवार को पंचायतों के खाते में भी पहुंच गए। इसमें सर्वाधिक 9 करोड़, 9 लाख 20 हजार 946 रुपये की धनराशि ग्राम पंचायतों को मिली है। जबकि, क्षेत्र व जिला पंचायतों को बराबर-बराबर तीन करोड़ 89 लाख 60 हजार 804 रुपये धनराशि दी गई है।
ग्राम एवं क्षेत्र पंचायतों को मिली धनराशि से गांवों में नाली के साथ ही फिल्टर चैंबर, सोख्ता निर्माण, मिट्टी भरान आदि कार्य किए जाने हैं। वहीं, जिला पंचायत के बजट से सड़कों का निर्माण, मरम्मत समेत अन्य विकास कार्य कराए जाएंगे। इससे गांवों के विकास कार्यों में तेजी आएगी।
जनसंख्या के हिसाब से पंचायतों को आवंटित हुआ बजट
पंचायती राज विभाग के डीपीएम सुरेश कुमार ने बताया कि 15 वें वित्त आयोग से ग्राम पंचायतों को वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर धनराशि आवंटित हुई है। जिले के 451 ग्राम पंचायतों की आबादी 11 लाख 75 हजार 347 दर्ज है। ग्राम पंचायत को 70 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से जिस ग्राम पंचायत की जितनी आबादी है, वहां उतनी धनराशि आवंटित हुई है।
-15 वें वित्त आयोग से पंचायतों को अनटाइड फंड की दूसरी किस्त मिली है। इस धनराशि से ग्रामीण क्षेत्र में विकास योजनाओं को रफ्तार मिलेगी। धनराशि के खर्च की निगरानी की जाएगी।
रविशंकर द्विवेदी-डीपीआरओ