जिले के 26 वार्डों में 3.25 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य होंगे। सोमवार को जिला पंचायत के रत्नावली सभागार में सोमवार को बैठक हुई। बैठक में जिला पंचायत सदस्यों के अलावा अन्य किसी भी विधायक और सांसद के प्रस्ताव न लेने पर लोगों ने आपत्ति जाहिर कर हंगामा किया। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर ने की।
जिला पंचायत की बैठक निर्धारित एजेंडे के तहत विभिन्न विभागों की प्रगति समीक्षा के साथ शुरू हुई। इसके बाद वर्ष 2025-26 के पुनरीक्षित बजट 80 करोड़ 49 लाख 87 हजार 900 रुपये और वर्ष 2026-27 के वार्षिक बजट 32 करोड़ 50 लाख 65 हजार 300 रुपये के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद सदन ने सर्वसम्मति से विशेष संकल्प के साथ पारित कर दिया।
बैठक में जिले के 26 वार्डों के विकास को लेकर चर्चा हुई। नाला, सड़क, इंटरलॉकिंग और सीसी रोड निर्माण कार्य हर वार्ड में कराने के लिए अनुमानित बजट को स्वीकृत दी गई। बैठक में 20 से अधिक सदस्य मौजूद रहे और विकास कार्यों को गति देने पर जोर दिया गया।
बैठक में तूफान सिंह यादव, पूनम मौर्या, अर्चना निषाद, किरन सिंह, अजय सोनी, सहाना बेगम, मुंसफ अली उस्मानी आदि सदस्य रहे।
सदस्यों ने जिस बजट की मंजूरी दी है। उसका प्रयोग आने वाले वर्ष में होने वाले कार्यों व पूरक बजट के रूप में होगा। इससे किन-किन कार्यों को किया जाएगा। इसको लेकर अभी कार्य योजना तैयार नहीं है। आने वाले दिनों में कार्ययोजना तैयार कर टेंडर निकाले जाएंगे। - कमलेश कुमार, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत
बजट में नहीं शामिल हुए सांसद व विधायकों के प्रस्ताव
बैठक के दौरान उस समय माहौल गर्म हो गया, जब सदन में सत्तादल के लोगों से जुड़े प्रस्ताव को सदस्य सोनी चौधरी ने सही बताया। इस पर कई सदस्यों ने आपत्ति जताते हुए इसका खुलकर विरोध किया। उनका कहना था कि सत्तादल के लोगों के पास तमाम निधि है। उसका प्रयोग कर वह कार्य कराएं। सदन में सदस्यों के ही कार्य होंगे। इसके बाद सदन ने इस प्रकार के सभी प्रस्ताव को खारिज कर दिया।