दुग्ध विकास, सांस्कृतिक, धमार्थ कार्य, अल्पसंख्यक कल्याण मुस्लिम वक्फ हज कमेटी के मंत्री व जिले के प्रभारी लक्ष्मी नारायण चौधरी ने सोमवार को जिला योजना समिति की बैठक में 22486.00 लाख रुपये के बजट का अनुमोदन किया।
प्रभारी मंत्री के सामने कृषि विभाग 22 लाख रुपये की प्रस्तावित धनराशि का अनुमोदन किया गया। जिसमें किसानों को उधारी बीज और तिलहन की खेती को बढ़ावा देने में खर्च किया जाएगा। पशु पालन विभाग के लिए 121.50 लाख, दुग्ध विकास के लिए 332.42 लाख, सहकारिता के लिए 474 लाख, वन विभाग के लिए 353.29 लाख, ग्राम विकास के लिए 75.25 लाख के बजट को मंजूरी मिली है। सिंचाई और जल संसाधन के लिए 100 लाख रुपये प्रस्तावित परिव्यय धनराशि का अनुमोदन किया गया। जिसमें मेड़बंदी, पौधरोपण, ऊसर सुधार, चेकडैम आदि का निर्माण कराया जाएगा।
पंचायती राज विभाग को 246.60 लाख बहुउद्ेश्यीय भवन के लिए अनुमोदित किया गया। सामुदायिक विकास के लिए शून्य राशि प्रस्तावित की गई। राजकीय लघु सिंचाई विभाग के नलकूपों के आधुनिकीकरण के लिए 52.80 लाख, निजी लघु सिंचाई के लिए 680.60 लाख का अनुमोदन हुआ। नेडा को 50 सोलर स्ट्रीट लाइट के लिए 3.55 लाख और खादी ग्रामोद्योग विभाग को ऋण के लिए 100 लाख रुपये दिए गए। सड़क और पुल निर्माण के लिए भी 1619.18 लाख के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। पर्यटन के लिए तीन लाख का आवंटन किया गया। प्राथमिक शिक्षा के लिए 2004.80 लाख, माध्यमिक शिक्षा के लिए 383. 00 लाख, एलोपैथ विभाग के लिए 671.94 लाख, परिवार कल्याण के लिए 20 लाख, ग्रामीण स्वच्छता के लिए 24 लाख, नगरीय पेयजल योजना के लिए 210.00 लाख, पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए 101. 00 लाख, अल्पसंख्यक कल्याण के लिए 40 लाख, समाज कल्याण विभाग के लिए 253. 00 लाख, महिला कल्याण के लिए 941 लाख की की धनराशि अनुमोदित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने प्रभारी मंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया। समिति के सदस्यों को आश्वस्त किया कि उनके निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन कराया जाएगा। इस मौके पर सांसद विनोद सोनकर, सदर विधायक लालबहादुर, सिराथू विधायक शीतला प्रसाद पटेल, चायल विधायक संजय गुप्ता, सीडीओ इंद्रसेन सिंह, सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
51 स्कूलों में काया कल्प योजना से कराए गए कार्यों का लोकार्पण
छह करोड़ की लागत से कायाकल्प योजना के तहत 51 स्कूलों में कराए गए सौंदर्यीकरण का प्रभारी मंत्री लक्ष्मीनरायण चौधरी ने लोकार्पण किया। इन स्कूलों को आदर्श स्कूल के रूप में विकसित किया गया है।