स्थानीय बस डिपो से आसपास के लिए बस सेवा शुरू करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बस डिपो होने के बावजूद यहां से शाम के बाद कोई भी बस या सवारी वाहन नहीं चलता। इससे आमजन, सरकारी कर्मचारी, स्कूली बच्चों और मरीजों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ता है।
रात के समय आवागमन पूरी तरह ठप होने से लोगों को न केवल परेशानी होती है, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी खतरा बना रहता है। बृहस्पतिवार को नगर पालिकाध्यक्ष बीरेंद्र कुमार सरोज उर्फ फौजी ने मुख्यमंत्री को मांगपत्र सौंपकर इस समस्या को उठाया था।
पालिकाध्यक्ष ने कहा कि मंझनपुर-ओसा मुख्य मार्ग पर रोडवेज बस डिपो होने के बावजूद शाम के बाद कोई भी सवारी वाहन नहीं चलता। इस कारण रात में लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि यहां से सरकारी मिनी बस या इलेक्ट्रिक टैक्सी सेवा शुरू कराई जाए जिससे रात का सफर सुगम और सुरक्षित हो सके।
दूसरी मांग में उन्होंने कहा कि मंझनपुर-ओसा और सिराथू मुख्य मार्ग पर बड़े वाहनों का अनियंत्रित आवागमन गंभीर समस्या बन गया है। यह मार्ग जिला मुख्यालय, मेडिकल कॉलेज, निजी अस्पतालों, विद्यालयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से होकर गुजरता है इससे स्कूली बच्चों और आम नागरिकों को खतरे का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि इस मार्ग पर बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक (नो-एंट्री व्यवस्था) लागू की जाए या फिर पाल चौराहा से ओसा चौराहा तक फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण कराया जाए।