मंझनपुर। बेमौसम की बारिश से बर्बाद हुए किसानों को मुआवजा दिए जाने में हो रही देरी को लेकर भाकियू कार्यकर्ताओं ने गुस्सा जताया है। किसानों की अनदेखी का आरोप शासन-प्रशासन पर लगाते हुए मंगलवार को कार्यकर्ताओं ने मंझनपुर में हुंकार भरी। मुख्यमंत्री को संबोधित 5 सूत्रीय ज्ञापन डीएम को दिया। इसमें बर्बाद हुई फसलों के सदमे में मृत किसानों के परिजनों को तत्काल आर्थिक मदद और जिले को आपदाग्रस्त घोषित करने की मांग की गई है। अनदेखी पर कार्यकर्ताओं ने आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।
मौसम की मार से तबाह हुई फसलों का अब तक मुआवजा नहीं मिलने से परेशान किसानों का दर्द लेकर मंगलवार को भाकियू ने मंझनपुर में आवाज बुलंद की। जिला पंचायत परिसर में किसानों की समस्याओं को लेकर जुटे कार्यकर्ताओं ने मुआवजे में देरी के लिए प्रदेश सरकार और यहां के अफसरों पर निशाना साधा। जिलाध्यक्ष बलवीर सिंह चौहान ने कहाकि बेमौसम की बारिश से कौशाम्बी के किसानों की 90 फीसदी फसल बर्बाद हो गई है। बर्बाद हुई फसलों के गम में रोजाना किसानों की मौत हो रही है। आरोप लगाया कि इसके बाद भी अब तक किसानों को मदद के नाम पर फूटी कौड़ी नहीं दी जा सकी है। मुआवजे में हो रही देरी को ही उन्होंने किसानों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया।
कहाकि जल्द ही यह मौसम की मार से प्रभावित फसलों का आकलन कर किसानों को उचित मुआवजा और सदमे में मृत किसानों के परिजनों को आर्थिक मदद नहीं दी गई तो भाकियू कार्यकर्ता किसानों के साथ बड़ा आंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे। इस दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित 5 सूत्रीय ज्ञापन भी डीएम को दिया। इसमें जल्द मुआवजे का भुगतान, पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद, किसानों के केसीसी, बिजली के बिल और अन्य ऋण की माफी की मांग की गई। मौके पर नुरुल इस्लाम, रमेश पाल, भैयालाल धुरिया, सूर्यपाल सिंह, विजय त्रिपाठी, सिद्धशरण गुप्ता, सुशील सिंह, रणविजय, जयसिंह, देवराज तिवारी, दीपक आदि मौजूद रहे।