फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दीपों की रोशनी से नहाया दोआबा

Sun, 30 Oct 2016 05:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
विज्ञापन
other
विज्ञापन
रविवार को शाम होते ही ज्योति पर्व दीपावली के मौके पर दोआबा के गांव और कस्बे रोशनी से नहा उठे। देशी दिए, मोमबत्ती और विद्युत झालरों से घर-आंगन जगमगा उठे। दीपों से जगमगा रहे पूजा स्थलों पर घर-घर में धन की देवी माता लक्ष्मी और विघ्न विनाशक भगवान गणेश का विधि विधान से पूजन किया। पूजन होते ही तेज आवाज के पटाखों और आसमानी आतिशबाजी की धूम मच गई।
विज्ञापन


ज्योति पर्व दीपावली का लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है। पखवारे भर पहले से इसकी तैयारी घरों में शुरू हो जाती है। पर्व की तैयारी को लेकर घरों की रंगाई, पुताई कराते हुए साफ सुथरा बनाया जाता है। रविवार को पर्व के दिन लोगों ने घर का कोना-कोना देशी दिये, मोमबत्ती और विद्युत झालरों से रोशन किया। शाम होते ही गांवों और कस्बों का नजारा ऐसा दिखने लगा कि जैसे आसमान के तारे धरती पर बिखर गए हों। घरों को दीपों से सजाने के बाद लोगों ने माता लक्ष्मी और गणेश भगवान की चीनी की मिठाइयों गट्टा, चंदिया, हाथी, घोड़े, लाई और फलों के साथ विधिविधान से पूजा कर प्रसाद का भोग लगाया। घरों में लक्ष्मी-गणेश पूजन होने के बाद बच्चों और युवाओं ने आतिशबाजी का खेल शुरू किया। पटाखों की तेज धमक, रोशनी का जलवा बिखेरने वाले अनार और फुलझड़ी की चारो ओर धूम मच गई। इस दौरान देर रात तक आसमान में रंगबिरंगी रोशनी बिखेरने के बाद आवाज करने वाले पटाखे बच्चों और युवाओं के आकर्षण का केंद्र रहे। पर्व के मौके पर लोगों ने अपने सगे संबंधियों को मिठाइयां और उपहार बांटे। पूरे जिले में देर रात तक दीपावली की धूम रही।
 
सोने-चांदी के सिक्कों की हुई खरीद
दीपावली के मौके पर सोने-चांदी के सिक्कों के खरीद की धूम रही। हैसियत के मुताबिक लोगों ने सोने और चांदी के सिक्कों की जमकर खरीददारी की। मान्यता है कि इस दिन कीमती धातु खरीदना शुभ होता है और घरों में लक्ष्मी का प्रवेश होता है। इसके अलावा लोगों ने जरूरत के सामान, वाहन, कपड़े, बर्तन आदि की दिल खोलकर खरीदारी की।
विज्ञापन


अर्धरात्रि को तांत्रिकों ने जगाई विद्या
दीपावली पर्व प्रत्येक कार्य के लिए शुभ माना जाता है। इस मौके पर टोना, टोटका और तंत्र-मंत्र करने वाले आधी रात को अपने-अपने आराध्य का जप कर विद्या को जगाने का काम किया। इसके अलावा अघोर पंथ के अनुयाइयों ने शमशान घाट में जाकर अपनी विद्या को जगाने का काम आधी रात को किया।

मोहल्ले-मोहल्ले में बिछी जुएं की फड़
दीपावली के मौके पर जुआरी भी किसी से पीछे नहीं रहे। सुबह से ही उन्हें फड़ की तलाश रही। इस दौरान दिन में कुछ खास जगहों पर जुएं का खेल हुआ तो शाम होने के बाद मोहल्ले-मोहल्ले में फड़ बिछ गई। इन फड़ों पर बैठे जुआरियों की धनाढ्यता के हिसाब से खेल हुआ। इन्हें पकड़ने के लिए संबंधित थानों की पुलिस सड़कों पर हूटर बजाते हुए फर्राटा भर रही थी पर सुराग तक नहीं लगा सकी। भोर में हार-जीत का सामना करना वाले जुआरी अपने-अपने घरों को लौटे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें