सिराथू। तहसील क्षेत्र के ककोढ़ा गांव में शनिवार सुबह एक बुजुर्ग किसान की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि किसान की भूमि को एनएचएआई ने अधिगृहीत कर लिया था। इससे वह सदमे में था। जानकारी मिलने के बाद एसडीएम, सीओ ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच-पड़ताल की। एसडीएम ने दावा किया कि पन्नालाल दमा पीड़ित था। उसकी मौत बीमारी से हुई है।
कानपुर वाया कोखराज हाईवे को चार से छह लेन में तब्दील किया जा रहा है। सड़क चौड़ीकरण में सिराथू तहसील क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की भूमि अधिगृहीत की गई है। बृहस्पतिवार को ककोढ़ा निवासी पन्नालाल (65) को भी एनएचएआई की ओर से भूमि अधिगृहण की नोटिस मिली थी। इसमें उसे 12 लाख रुपये मुआवजा मुहैया कराने की जानकारी दी गई है। नोटिस भेजने के तीसरे ही दिन शनिवार को एनएचएआई ने किसान की भूमि पर काम शुरू करवा दिया। परिजनों का कहना है कि नोटिस मिलने के बाद से मुआवजे की रकम को लेकर पन्नालाल परेशान रहता था। सुबह वह अपने खेत की तरफ गया था। वहां से लौटने के बाद घर पहुंचने पर उसकी हालत खराब हो गई। आननफानन परिजन उसे इलाज के लिए स्थानीय निजी अस्पताल लेकर भागे। जहां देखते ही डॉक्टरों ने पन्नालाल को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पत्नी सुमित्रा देवी का कहना है कि पन्नालाल की मौत सदमे से हुई है। सुमित्रा ने बताया कि उसकी बेटी मुम्बई से चल चुकी है। उसके आने पर ही लाश पोस्टमार्टम कराने का फैसला होगा। उधर, किसान के मौत की खबर मिलते ही एसडीएम सिराथू ज्योति मौर्या, सीओ रामवीर के साथ मृतक के घर पहुंची। जांच-पड़ताल के बाद एसडीएम ने बताया कि पन्नालाल दमा का मरीज था। उसकी मौत से भूमि अधिग्रहण और मुआवजे का कोई लेना-देना नहीं है। कुछ लोग इसे जबरन मुद्दा बना रहे हैं।