बंदी की मौत के बाद रोते-विलखते परिजन।
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जिला कारागार में निरुद्ध बंदी नकुल (25) की बृहस्पतिवार रात इलाज के दौरान मौत हो गई। बंदी कई दिनों से बीमार था। इलाहाबाद के एसआरएन अस्पताल ले जाते समय उसकी सांसें थम गईं। मौत की जानकारी होने पर जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने जेल का निरीक्षण किया। साथ ही बंदियों के इलाज के लिए जेल अस्पताल में शिविर लगाने के निर्देश दिए। बंदी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
मंझनपुर कोतवाली के बसोहनी गांव निवासी नकुल (25) पुत्र नत्थू लाल पत्नी सकुन देवी की मौत के मामले में जिला जेल में निरुद्ध था। नकुल के साथ मां गीता देवी व अन्य परिजनों को भी पुलिस ने जेल भेजा था लेकिन नकुल को छोड़कर बाकी लोग जमानत पर रिहा हैं। दो दिन पहले बंदी नकुल की जिला जेल में हालत बिगड़ गई थी। उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया।
हालत में सुधार नहीं होने पर बृहस्पतिवार रात चिकित्सकों ने नकुल को एसआरएन अस्पताल इलाहाबाद के लिए रेफर कर दिया। अस्पताल ले जाते समय मूरतगंज के समीप बंदी नकुल की मौत हो गई। बंदी के मौत की खबर सुनते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने परिजनों को बंदी की मौत की जानकारी देते हुए शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बंदी की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।
जेलर राजीव सिंह ने बताया के बंदी नकुल तीन महीने से बीमार चल रहा था। उसका उपचार जिला अस्पताल के साथ एसआरएन अस्पताल में भी कराया गया था। दोपहर बाद जिलाधिकारी ने जेल का निरीक्षण किया। बंदियों से पूछताछ करने के बाद उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिया कि वह जेल अस्पताल में शिविर लगाकर बीमार बंदियों का इलाज करवाएं।