कोतवाली के रामदयालपुर गांव में शादी के करीब एक महीने बाद शनिवार को एक नव विवाहिता का शव फंदे से लटकता मिला। घटना की जानकारी पर परिवार के लोग उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर मायके पक्ष के लोग भी रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है।
पइंसा के रामसहायपुर निवासी द्वारिका प्रसाद पुत्र नारेंद्र कुमार पांडेय की शादी पिछले दिनों 20 अप्रैल को बांदा जिले के कमासिन कोतवाली अंर्तगत अशोक मिश्र की बेटी शियांशी (22) के साथ हुई थी। द्वारिका मुंबई में रहकर प्राइवेट नौकरी करता है। शादी में वह घर आया तब से यहीं है, वापस मुंबई नहीं गया।
ससुरालियों के मुताबिक शनिवार दोपहर खाना खाकर शियांशी अपने कमरे में सोने के लिए चली गई। कुछ देर बाद परिवार के लोग कमरे की तरफ गए तो देखा कि शियांशी का शव फंदे से लटक रहा था। घटना देख परिवार के लोग रोने-चिल्लाने लगे।
मौके पर जुटे परिजन व ग्रामीणों ने किसी तरह शव नीचे उतारा। शियांशी को इलाज के लिए एंबुलेंस से सिराथू के अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। द्वारिका ने फोन कर अपने ससुर को घटना के बारे में जानकारी दी तो वह भी परिवार के साथ रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है। थानाध्यक्ष पइंसा जगदीश कुमार का कहना है कि घटना के बारे अभी तक मायके पक्ष की तरफ से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
शादी के बाद से एक भी बार नहीं गई थी मायके
पइंसा। विवाहिता शियांशी के पिता अशोक मिश्रा ने बताया कि 21 अप्रैल को शियांशी की धूमधाम से विदाई हुई थी। इसके बाद उन लोगों ने कई बार चौथी (पहली विदाई) कराने का प्रयास किया, लेकिन बेटी के ससुराल वाले यहीं कहते थे कि बेटा अभी घर पर है। नौकरी पर चला जाए तो विदाई करा दी जाएगी। संवाद
मृतक श्रीयांसी की शादी का कार्ड।
मृतक श्रीयांसी की शादी का कार्ड।