जयंतीपुर गांव में मोहन अग्रहरी की मौत पर रोते बिलखते परिजन
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कोतवाली के जयंतीपुर गांव में सोमवार सुबह एक बुजुर्ग किसान का शव कुएं में मिला। किसान तीन दिन पहले अपने बेटे के साथ खेत की सिंचाई करने गया था। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस और फायरकर्मियों की मदद से शव बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जयंतीपुर गांव निवासी मोहन अग्रहरि (75) किसानी करके परिवार का भरण-पोषण करते थे। शनिवार को वह अपने छोटे बेटे मानिकचंद्र के साथ खेत की सिंचाई करने गांव के पहलवान के सबमर्सिबल में गए। वहां से पानी नहीं मिल पाने पर बेटे ने पिता को यह कहकर घर भेज दिया कि वह दशरथ सिंह के सबमर्सिबल से सिंचाई करने जा रहा है। मानिकचंद्र के मुताबिक इसके बाद उसके पिता घर चले गए।
शाम को जब मानिक खेत की सिंचाई करके घर लौटा तो पता चला कि वह आए ही नहीं। इस पर परिवार के लोग परेशान हो गए। काफी खोजबीन के बाद भी मोहन का पता नहीं चलने पर पुलिस को खबर दी गई। पुलिस ने गुमशुदगी की तहरीर लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस बीच सोमवार को किसी ग्रामीण ने गांव के बाहर स्थित कुएं में मोहन का शव पड़ा देखा तो परिवार के लोगों को खबर दी। घटना की जानकारी होते ही परिजन रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे और पुलिस को खबर दी।
सूचना पर थानाध्यक्ष भवानी सिंह फायर बिग्रेड की टीम के साथ पहुंचे और शव बाहर निकलवाया। मोहन अपने पीछे पांच बेटे व दो बेटियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। मोहन के बड़े बेटे ने बताया उसके पिता को आंख से कम दिखाई देता था। आशंका है कि कुआं नहीं दिख पाने के कारण वह उसमें गिर गए होंगे।
जिस कुएं में मोहन अग्रहरि का शव मिला वह गांव के बाहर खेत में है। घरवालों ने बताया मृतक को आंख से कम दिखाई देता था। इसके अलावा कुएं में मुंडेर भी नहीं थी। इससे अनुमान है कि मृतक कुएं में गिर गया होगा। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारण का पता चलेगा। परिवार वालों ने किसी तरह की तहरीर नहीं दी है।
भवानी सिंह, थानाध्यक्ष पश्चिमशरीरा