मंझनपुर (ब्यूरो)। मिशन इंद्रधनुष और कुपोषण मिटाने वाले महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में भी स्वास्थ्य महकमे के अफसर, कर्मी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। इसका खुलासा बृहस्पतिवार को समीक्षा बैठक में हुआ। अभिलेख और कंप्यूटर में फीड डाटा में अंतर देख भड़के सीएमओ ने अस्पताल अधीक्षकों और प्रभारी चिकित्साधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। तीन दिन में गड़बड़ी ठीक नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
मातृ-शिशु मृत्युदर में कमी और कुपोषण से बच्चों को बचाने को इन दिनों मिशन इंद्रधनुष और राज्य कुपोषण मिशन कार्यक्रम चल रहा है। बृहस्पतिवार को सीएमओ डॉ. राजकुमार मिश्र ने इन दोनों कार्यक्रमों की समीक्षा की। बैठक में एसीएमओ डॉ. एमके सिन्हा ने मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम के पिछले अभियान के दौरान मिली खामियों और उपलब्धियों की जानकारी सीएमओ को दी।
सीएमओ ने शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिए चल रहे मिशन इंद्रधनुष में लापरवाही बरतने वाले अस्पताल अधीक्षक और पीएचसी प्रभारियों को कड़ी फटकार लगाई। चेताया कि जुलाई महीने में मिशन इंद्रधनुष के क्रियान्वयन में यदि कहीं भी लापरवाही देखने को मिली तो संबंधित अस्पताल के प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राज्य पोषण मिशन कार्यक्रम में अभिलेखों में दर्ज और कम्प्यूटर में फीड आंकड़ों में अंतर देख सीएमओ का पारा चढ़ गया। उन्होंने ब्लाक मुख्यालयों पर स्थित अस्पताल के चिकित्साधिकारी और मुख्यालय में डाटा इंट्री करने में लगे कर्मियों की क्लास ली। तीन दिन में गड़ब़ड़ी ठीक कराने का निर्देश दिया। चेताया कि दुबारा समीक्षा के दौरान यदि इस तरह की कोई भी खामी मिली तो किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। इस मौके पर सभी अस्पताल के अधीक्षक, चिकित्सा प्रभारी, एआरओ, जिला कार्यक्रम के प्रबंधक, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी आदि मौजूद रहे।