करारी लाई गट्टा व चीनी से बने सामान की खरीदारी करते लोग संवाद
ढेड़िया पर्व पर शनिवार को कस्बे के बाजारों में दिनभर चहल-पहल रही। सुबह से ही खरीदारी के लिए दुकानों पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। पर्व से जुड़ी पूजन सामग्री, पारंपरिक मिठाइयों और मिट्टी की ढेड़िया की दुकानों पर खास रौनक दिखी। लाई-चना के साथ चीनी से बने गट्टा, चंदिया, हाथी घोड़ों और की जमकर बिक्री हुई।
शनिवार को ढेड़िया पर्व पर दुकानदारों ने भी पहले से तैयारी कर रखी थी। मिठाई विक्रेता शंभूनाथ गुप्ता ने बताया कि शनिवार को गट्टा, लाई और चना की अच्छी बिक्री हुई। चीनी से बने पारंपरिक खिलौनों की भी लोगों ने खूब खरीदारी की। बाजार में गट्टा करीब 120 रुपये, लाई 60 रुपये और चना 120 रुपये की दर से बिका।
वहीं, चीनी से बने गट्टा, चंदिया, हाथी और घोड़े समेत अन्य खिलौनों की बिक्री भी करीब 140 रुपये की दर से हुई। मिट्टी की ढेड़िया खरीदने के लिए भी लोगों की भीड़ लगी रही। कारीगर पृथ्वी पाल ने बताया कि मिट्टी की ढेड़िया 20 से 50 रुपये तक बिकी।
पर्व पर बहनों की ओर से भाइयों की लंबी उम्र की कामना के लिए ढेड़िया उतारने की परंपरा निभाई जाती है। पर्व पर बहनों को उपहार देने के लिए कपड़ों की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ जुटी रही। देर शाम तक बाजार में खरीदारी का सिलसिला चलता रहा। अच्छी बिक्री से दुकानदार भी उत्साहित नजर आए।