न्यायालय की रोक के बाद भी यमुना नदी में बालू के अवैध खनन का काम चालू हो गया है। मंझनपुर के शाहपुर, डेढ़ावल, पाली समेत आधा दर्जन यमुना घाटों से रोजाना हजारों टन बालू खोद कर डंप की जा रही है। अवैध खनन को लेकर मजदूर संगठन और माफिया में तनातनी है। वर्चस्व को लेकर किसी भी समय खूनी संघर्ष हो सकता है। लाल सलाम ने बैठक कर इसकी तस्वीर साफ कर दी है।
मंझनपुर के शाहपुर यमुना घाट में बालू खनन का कारोबार चल रहा है। धंधे में लिप्त लोग न पट्टेदार हैं, न ही उनके पास कोई रवन्ना है। बताया जा रहा है कि यमुना नदी के शाहपुर, डेढ़ावल, पॉली उपरहार समेत आधा दर्जन घाटों से रोजाना हजारों टन बालू निकाल कर डंप की जा रही है। बालू प्रतापगढ़ और इलाहाबाद भेजा जा रहा है।
अवैध खनन को लेकर मजदूर संगठन और माफिया आमने-सामने हैं। इसकी शिकायत अधिकारियों से करने के बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। सूचना बाद भी खनिज और पुलिस महकमा खमोश है। ट्रकों को पास कराने के लिए स्थानीय पुलिस की भूमिका संदिग्ध है। खनिज विभाग की एक दो कार्रवाई में बालू के अवैध खनन का कारोबार सामने आ चुका है। इसके बाद भी विभाग द्वारा कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जा रही है।