पूरबशरीरा गांव में सोमवार की रात छप्पर के नीचे सो रहा अधेड़ जिंदा भस्म हो गया। रात अलाव के चिंगारी से आग लग गई थी। आग की लपटों को देख गांव के लोगों ने अधेड़ को बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह उसकी जान नहीं बचा सके। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल के बाद शव को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पश्चिमशरीरा थाना क्षेत्र के पूरबशरीरा गांव का रहने वाला देवराज (50) पुत्र गब्बर मेहनत मजदूरी कर परिवार की जीविका चलाता था। सोमवार को वह मंझनपुर से दानपुर गांव रिश्तेदार के घर गया था। देर शाम वह घर पहुंचा और छप्पर के नीचे बिस्तर लगाकर अलाव तापने के बाद सो गया। आधी रात अचानक अलाव से चिंगारी शोला बन गई। देखते ही देखते छप्पर धू-धूकर जलने लगा। नींद खुली तो वह बगल में बंधे बछड़े को बचाने को दौड़ा।
बताया जा रहा है कि इसी दौरान जलता हुआ छप्पर उसके ऊपर गिर गया। इससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। आग की लपटों में घिरे देवराज को बचाने के लिए गांव के लोग मौके पर पहुंचे। किसी तरह आग बुझाकर देवराज को बाहर निकाला गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मजदूर अधेड़ की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।