मुसाफिरों के लिए मंगलवार का दिन अमंगल साबित हुआ। कोहरे के कारण महेवाघाट व करारी थाना क्षेत्र में हादसे हुए। इनमें दंपति समेत तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं एक दर्जन लोग लहूलुहान हो गए। पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराते हुए शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के बाद से मृतकों के परिजनों का रो-रो कर हाल बेहाल है।
मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के समदा गांव से मंगलवार की सुबह टेंपो चालक श्रद्धालुआें को लेकर राजापुर हनुमान मंदिर दर्शन के लिए जा रहा था। महेवाघाट-मूरतगंज मार्ग पर सरसवां के समीप जैसे ही टेंपो पहुंचा चालक अनियंत्रित हो गया और टेंपो सड़क किनारे पलट गया। हादसे में धनपति (65) पत्नी धनराज की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं टेंपो में बैठी मनू देवी पुत्री रामचंद्र, तारा देवी पत्नी मानिक चंद्र, उचित पुत्र मानिक चंद्र, सीता देवी पत्नी राजाराम, पुष्पा देवी पुत्री रामचंद्र, कौशल्या देवी पत्नी समई लाल महरानी पत्नी रामबाबू, शीला देवी पत्नी समई लाल, प्रेमा देवी पत्नी राम आसरे, रेवती देवी पुत्री देवराज गंभीर रूप से जख्मी हो गई। हादसा देख आसपास मौजूद लोग भागकर मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
इसी तरह करारी थाना क्षेत्र के लहना गांव निवासी मोहम्मद हुसैन (45) पुत्र मुबारक मंगलवार की सुबह पत्नी परवीन फात्मा के साथ बाइक से करारी उर्स में शामिल होने के लिए आ रहा था। करारी एसबीआई के समीप टेंपो की टक्कर से दोनों जख्मी हो गए। हादसा देख आस-पास के लोग जब तक घायल दंपति को अस्पताल ले जाते हुसैन की मौत हो गई। पुलिस ने घायल पत्नी को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराते हुए घटना की जानकारी परिजनों को दी। दोपहर बाद मृतक की जख्मी पत्नी परवीन फात्मा की भी सांसे थम गई। पुलिस ने पंचनामा करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। हादसे के बाद से मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
डॉक्टरों की लापरवाही से महिला की मौत
करारी में हुए हादसे में हुसैन अब्बास के बाद उनकी पत्नी परवीन की भी मौत हो गई है। परवीन की मौत के लिए लोग जिला अस्पताल के डॉक्टराें को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। आरोप है कि सही तरीके से इलाज न कर डॉक्टरों ने परवीन को घर भेज दिया था, जहां उसकी मौत हुई। इससे लोगों में गुस्सा है।
करारी में मंगलवार की सुबह हुसैन अब्बास अपनी पत्नी परवीन फात्मा को बाइक में बैठाकर उर्स में शामिल होने जा रहे थे। एसबीआई के सामने एक टेंपो की टक्कर लगने से दोनों घायल हो गए थे। हुसैन अब्बास को जिला अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया था, जबकि उनकी पत्नी परवीन की हालत नाजुक बनी हुई थी। इसके बाद भी चिकित्सकों ने परवीन को भर्ती करने के बजाय घर भेज दिया। परवीन को पड़ोसी लेकर घर पहुंचे ही थे कि मौत हो गई। इससे लोगों का गुस्सा डॉक्टरों पर भड़क गया। वह डॉक्टरों पर तमाम तरह के आरोप लगाते रहे। उधर डॉक्टरों का कहना है कि उन्होंने मरीज को रेफर किया था।