कौशाम्बी के बसेढ़ी बिदांव गांव में रविवार की सुबह विवाहिता घर के भीतर आग का गोला बन गई। विवाहिता की चीख सुन परिवार के लोग भागकर मौके पर पहुंचे। विवाहिता को आग से बचाने के चक्कर में पति भी झुलस गया। आनन-फानन घर परिवार के लोग विवाहिता को नजदीकी अस्पताल ले गए। जहां डाक्टरों ने हालत नाजुक देख प्राथमिक उपचार के बाद इलाहाबाद एसआरएन रेफर कर दिया।
बसेढ़ी बिदांव की गीता देवी (40) पत्नी धनराज रविवार की सुबह रसोई घर में खाना पका रही थी। खाना बनाते समय चूल्हे के चिंगारी से विवाहिता के साड़ी में आग लग गई। पल भर में विवाहिता घर के भीतर आग का गोला बन गई। विवाहिता की चीख सुन घर-परिवार के साथ पति भागकर मौके पर पहुंचे। विवाहिता को आग से बचाते ने पति धनराज भी झुलस गया।
आनन-फानन दंपति को आग की जद स बाहर निकालते हुए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने विवाहिता की हालत नाजुक देख प्राथमिक उपचार के बाद एसआरएन अस्पताल इलाहाबाद रेफर कर दिया।