मंझनपुर। विकास कार्यों में घोटाला दरवेशपुर के कार्यवाहक प्रधान और दारानगर ग्रामसभा की तीन सदस्यीय कमेटी को महंगा पड़ सकता है। इन दोनों गांवों में राज्यवित्त और तेरहवें वित्त की रकम डकारने का मामला डीआईओएस और एडीओ पंचायत की जांच रिपोर्ट में सामने आया है। जिला पंचायतराज अधिकारी ने गांवों के विकास में किए गए घपले की फाइल तैयार करा ली है। बताया कि जल्द ही दोषियों पर एफआईआर और पंचायतीराज अधिनियम के तहत विभागीय कार्रवाई होगी।
विकास खंड मूरतगंज के दरवेशपुर गांव के रामलखन, राजेश कुमार, छेदीलाल आदि ने जिलाधिकारी को दिसंबर महीने में प्रार्थनापत्र देकर कार्यवाहक प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी पर राज्यवित्त और तेरहवें वित्त के तहत कराए गए विकास कार्यों में गड़बड़ी करके रकम डकारने का आरोप लगाया था। ग्रामीणों ने बताया कि आवास, शौचालय आदि की रकम में गोलमाल किया गया है। डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षक और सहायक विकास अधिकारी पंचायत को जांच करने का निर्देश दिया है।
अफसरों की जांच में गड़बड़झाला सामने आया है। डीएम के निर्देश पर जिला पंचायतराज अधिकारी ने कार्यवाहक प्रधान के खिलाफ एफआईआर और पंचायतीराज अधिनियम के तहत विभागीय कार्रवाई करने के लिए फाइल तैयार कर ली है। इसी तरह दारानगर तीन सदस्यीय कमेटी पर राज्यवित्त और तेरहवें वित्त की रकम में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। डीपीआरओ ने संबंधित सदस्यों पर एफआईआर की रणनीति बनाई है। इससे गांवों में हड़कंप मचा है। मामले में डीपीआरओ आरके भारती का कहना है कि विकास कार्यो में गड़बड़ी मिली है। जल्द ही दरवेशपुर और दारानगर में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।