दहेज में बाइक और पैसे की मांग पूरी नहीं होने पर गांव की विवाहिता को उसके पति ने मुंबई शहर में बेच दिया। खरीददार जब विवाहिता को साथ चलने के लिए बोले तो उसे जानकारी हुई। उसने किसी तरह जानकारी मायके वालों को दी। तय रकम लेकर मुंबई पहुंचे ससुरालियों ने खरीददारों के हाथों से किसी तरह विवाहिता को छुड़ाया। मुंबई से लौटने के बाद पीड़िता ने मामले की शिकायत सोमवार को पुलिस अधीक्षक से करते हुए न्याय की गुहार लगाया।
करारी थानाक्षेत्र के रक्सवारा गांव की रहने वाली सानिया देवी पुत्री मंजीत मंगलवार को पुलिस अधीक्षक वीके मिश्र से मिली। दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि तीन साल पहले उसकी शादी कोखराज गांव के सद्दाम हुसैन से हुई थी। उसका कहना है कि शादी के बाद से ही ससुराल के लोग उसे मायके से एक लाख रुपया और बाइक मांगकर ले आने का दबाव बनाते रहे थे। इंकार करने पर उसे प्रताड़ित करते थे। पिटाई के साथ ही कई बार तो उसे जान से मारने के धमकी देते हुए कमरे में बंद रखा गया। इसके बाद भी दहेज की मांग पूरी नहीं हुई। साल भर पहले विवाहिता को उसका पति अपने साथ मुंबई ले गया। कुछ दिन अपने साथ रखने के बाद आरोप है कि चालीस हजार रुपये में अज्ञात लोगों के हाथ बेच दिया और बहाना बनाकर वहां से गायब हो गया।
कुछ दिनों बाद जब विवाहिता को खरीददार बुलाने आए तो उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई। विवाहिता के शोर मचाने पर आस पास लोगों के इक्कठ्ठा होने पर किसी तरह से मामला शांत कराया गया। विवाहिता ने किसी तरह फोन से मामले की जानकारी परिजनों दी। बेटी के साथ हुई ज्यादती सुनकर परिजनों के होश उड़ गए। वह विवाहिता को लेने के लिए पैसों का इंतजाम कर मुंबई पहुंचे और खरीददार को रकम अदा कर वापस बुला लाए। घर आने के बाद परिजन पीड़िता को साथ लेकर परिजन कोखराज थाने पहुंचे। जहां पर उसकी सुनवाई नहीं हुई। इस पर पीड़िता मंगलवार को मंझनपुर तहसील दिवस में पहुंची और एसपी से मिल मामले की शिकायत की। एसपी ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन पीड़िता को दिया है।