कड़ा। जाड़े के मौसम में कड़ा के कोरियो बाकरगंज गांव के जानवरों में रहस्यमय बीमारी फैल गई है। इसकी जद में आने से छह जानवरों की मौत हो गई है। करीब दर्जनभर मवेशी इसकी चपेट में हैं। मवेशियों की मौत से पूरे गांव में हड़कंप मचा है। सूचना पर गांव पहुंची पशु चिकित्सकों की टीम ने जांच करके इलाज किया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एसपी पांडेय ने बताया कि भीगने से विषाक्त हुए पुआल को खिलाने से बीमारी संभव है। जांच की जा रही है।
कड़ा ब्लाक के कोरियों गांव में बुधवार को अचानक जानवरों में रहस्यमय बीमारी फैल गई। पशुपालकों के मुताबिक अचानक जानवरों के पेट फूल गए। चारा-पानी छोड़कर जानवर सुस्त पड़े हैं। इन बीमार जानवरों में गांव के गुलाब पाल की दो भैंस, एक बैल और रामधनी की दो गाय एक बछड़े की बुधवार की रात मौत हो गई। वहीं गांव के रहने वाले शिवमोहन, श्रीनाथ, राम सिंह, दहाड़ी, रामकृपाल, धनराज, ननका आदि के करीब दर्जनभर जानवर दो दिन से बीमार भी पड़े हैं। बीमार जानवरों की मौत शुरू होने से पशुपालकों में खलबली मच गई। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी पशु अस्पताल कड़ा के चिकित्सक के साथ ही सीवीओ को भी दी।
गांव के जानवरों में बीमारी फैलने और मौतें होने की खबर पर सीवीओ ने तत्काल पशु चिकित्सकों की टीम को गांव भेजा। डॉक्टरों ने बीमार पड़े जानवरों की जांच करके उनका इलाज किया। सीवीओ डॉ. एसपी पांडेय ने बताया कि संभवत: फूड प्वाइजनिंग से जानवर बीमार हुए हैं। इसी से मौत भी हुई है। सीवीओ के मुताबिक कुछ दिन पहले बूंदाबांदी हुई थी। इससे पुआल भीग गए हैं। भीगने से विषाक्त हुआ पुआल खिलाने से जानवरों में फूड प्वाइजनिंग हुई है। दावा किया कि गांव में जितने भी जानवर बीमार मिले थे, सभी का इलाज कर दिया गया है। जानवरों की तबीयत फिलहाल ठीक है। कड़ा के पशु चिकित्साधिकारी को बीमार जानवरों की निगरानी करते रहने का निर्देश दिया गया है।