मंझनपुर (ब्यूरो)। सरायअकिल कस्बे के बुद्धपुरी मोहल्ला निवासी राज बहादुर तिवारी हत्याकांड में शनिवार को अदालत ने दो आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 40-40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी फौजदारी त्रिलोकीचंद्र केसरवानी के मुताबिक सरायअकिल थाने के बुद्धपुरी मोहल्ला निवासी राज बहादुर तिवारी को 27 जनवरी 2010 को गंगा स्नान के बहाने एक व्यक्ति बुलाकर ले गया था। तभी से वे लापता थे। उनके बेटे सुशील तिवारी ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना की तफ्तीश में जुटी पुलिस ने शक के आधार पर मोहल्ले के ही रहने वाले रामबाबू पांडेय उर्फ पहलवान को दबोचकर पूछताछ की।
इसके बाद पुलिस ने मोहम्मद यासीन उर्फ बग्गड़ निवासी पनारा गोपालपुर, गोरेलाल पासी निवासी जगदीशपुर पतेरिया को पकड़कर पूछताछ की। इन दोनों ने हत्या का गुनाह कबूल करते हुए मंझनपुर के बबुरा गांव के समीप स्थित एक नलकूप से शव की बरामदगी कराई। पुलिस ने शव बरामद करके पोस्टमार्टम को भेजा और तफ्तीश के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ.राकेश कुमार नैन की अदालत में चला। अभियोजन और बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मोहम्मद यासीन उर्फ बग्गड़ और गोरेलाल पासी को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और विभिन्न धाराओं में कुल 40-40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि रामबाबू पांडेय उर्फ पहलवान को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया।