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ट्रेन हादसे के पीछे कहीं साजिश तो नहीं

Tue, 26 May 2015 01:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
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सिराथू/अजुहा (कौशाम्बी)। दिल्ली-हावडा रेलमार्ग पर कौशाम्बी के अटसराय रेलवे स्टेशन के समीप मूरी एक्सप्रेस के दुुर्घटनाग्रस्त होने के बाद से रेलवे के साथ जिला प्रशासन में हड़कंप मचा है। हादसे के पीछे कहीं कोई साजिश तो नहीं? यह हकीकत तो उच्चस्तरीय जांच से ही सामने आ सकती है।
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सैनी कोतवाली के सिराथू और अटसराय रेलवे स्टेशन के समीप से गुजरी ससुरखदेरी नदी पुल पर सोमवार दोपहर हुए ट्रेन हादसे से रेल प्रशासन के होश उड़े हैं। शनिवार की रात अटसराय और कनवार रेलवे स्टेशन के बीच कथित रूप से रेल ट्रैक से क्लिप खोले जाने का मामला प्रकाश में आया था। यह मामला संज्ञान में आने के बाद भी रेलवे के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय स्थानीय पुलिस पर जांच का ठीकरा फोड़ते रहे।

सोमवार को जिस तरह से मूरी एक्सप्रेस के इंजन और बोगियां पटरी से उतरीं उससे लोगों को ट्रैक पर शनिवार को जैक मिलने की घटना याद आने लगी है। लोग सरसरी तौर पर हादसे का कारण ट्रैक में गड़बड़ी ही मान रहे हैं।  शनिवार रात ट्रैक की कुछ पेंड्रोल क्लिपें ढीली होने के साथ जैक पाया जाना और सोमवार को हादसा हो जाना महज संयोग है या किसी गहरी साजिश का परिणाम। यह सवाल इलाके के हर किसी के जेहन में कौंध रहा है।  
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मूरी एक्सप्रेस गुजरने के ठीक पहले निकली मालगाड़ी के चालक ने सिराथू और अटसराय स्टेशन अधीक्षक को पटरी बल्लिंग करने की सूचना दी थी। इसके बाद भी जिम्मेदारों के कान में जूं नहीं रेंग सकी।

सैनी कोतवाली के अटसराय रेलवे स्टेशन के समीप सोमवार दोपहर अप लाइन पर मूरी एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होने से देर शाम तक रेल यातायात बाधित रहा। क्षतिग्रस्त लाइन दुरुस्त करने का काम काफी देर बाद शुरू हो सका। जिससे दिल्ली हावड़ा मार्ग पर रेल यातायात प्रभावित रहा। शाम को डीआरएम राहत टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मौका-मुआयना किया। इस दौरान घटना को लेकर रेलवे प्रशासन के अधिकारी कुछ भी बोलने से कतराते रहे।

मूरी एक्सप्रेस में दोपहर की झपकी ले रहे यात्रियों की झपकी झटके के साथ टूट गई। कोच आठ में बैठे अशोक राय ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ जम्मू जाने के लिए टाटा से सवार हुए थे। सीट पर हल्की सी झपकी ले रहे थे। इसी दौरान एकाएक तेज झटके से नींद खुल गई। उन्हें ऐसा लगा कि ट्रेन में कोई अनहोनी हो गई है। जब तक वह कुछ समझ पाते उनकी बोगी तेज आवाज के साथ पटरी से नीचे उतर गई। इस दौरान पूरी बोगी में सवार यात्री अनहोनी की आशंका से भयभीत हो गए। जगदीश सिंह निवासी अमृतसर पंजाब एस थ्री में सवार थे। बताया कि सब कुछ पलक झपकते ही हो गया। कुछ समझ में नहीं आया कि आखिर हादसा कैसे और क्यों हुआ। रामवृक्ष शाह निवासी अमृतसर की मानें तो अचानक हादसा होने से वह तो सुधबुध ही खो बैठे थे।

सैनी कोतवाली के अटसराय रेलवे स्टेशन के समीप अपलाइन पर सोमवार की दोपहर मुरी एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। ट्रेन में सवार यात्री बदहवास हालत में अपने-अपने सामान लेकर कोच का शीशा तोड़ते हुए नीचे उतर रहे थे। हादसे के तुरंत बाद आस-पास गांव के लोग भी भागकर घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीण भी ट्रेन में सवार यात्रियों को सकुशल बाहर निकालने में मददगार बने रहे।

मूरी एक्सप्रेस के आठ डिब्बे पटरी से उतर जाने की खबर प्रशासनिक गलियारे में पहुंचते ही हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और एएसपी पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। कड़ी धूप में बेहाल यात्रियों ने उन्हें घेर कर गंतव्य तक जाने के लिए साधन की मांग करने लगे। सैनी कोतवाली पुलिस ने ट्रेन में सवार यात्रियों की मदद के लिए टेंपो बुलाकर उन्हें सुरक्षित बस स्टेशन पहुंचाया। इस दौरान यात्री गर्मी से बेहाल रहे।

मूरी एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद क्षेत्र भ्रमण कर रहे सपा विधायक वाचस्पति मौके पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ट्रेन में सवार यात्रियों का हाल जानने के बाद उनकी मदद करने के लिए पूरी शिद्दत के साथ जुटे रहे। विधायक घटनास्थल से ही डीआरएम से वार्ता कर राहत कार्य जल्द शुरू कराए जाने के लिए परेशान रहे।

सैनी के अटसराय रेलवे स्टेशन के समीप ट्रेन हादसा होने के बाद ग्रामीण मदद के लिए गए तो उनके हाथों में पानी से भरी बाल्टियां थी। वह यात्रियों को पानी पिलाने के साथ सांत्वना दे रहे थे। भाकियू के मंडल अधयक्ष नूरुल इस्लाम खाने-पीने का सामान लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने भी बढ़-चढ़कर यात्रियों की मदद की।
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