द्वाबा की बीस लाख आबादी की सेहत के लिए बने करोड़ों रुपये के संयुक्त चिकित्सालय में चिकित्सकों का टोटा बना हुआ है। अस्पताल बनने के सात साल बीतने के बाद भी नाक-कान-गला (ईएनटी), हृदय रोग, स्किन रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो सकी है।
इससे मरीजों और तीमारदारों को इलाज के लिए परेशानियां उठाई पड़ रही है। विभागीय सूत्रों की मानें तोमंडल में सिर्फ एक ही ईएनटी चिकित्सक है वह बेली अस्पताल में तैनात है। द्वाबा में गरीबों के इलाज के लिए वर्ष 2009 में 9.45 करोड़ रुपये की लागत से संयुक्त चिकित्सालय का निर्माण कराया गया है। जहां बीते पांच साल से चिकित्सकों के अभाव में गंभीर रोगियों को दर-दर की ठोकरें खानी पड़ती हैं जबकि अस्पताल में कुल 27 पद सृजित हैं। इनमें 22 चिकित्सक तैनात हैं।
मगर जिला अस्पताल में आज भी नाक-कान-गला, हृदय रोग और स्किन विशेषज्ञ की तैनाती नहीं की गई। इसे लेकर लोग इलाहाबाद जाकर निजी अस्पताल में इलाज कराने को मजबूर हैं। सीएमएस डा. दीपक सेठ का कहना है कि ईएनटी चिकित्सक की तैनाती जिला अस्पताल हुई थी।
मगर, वह अस्पताल नहीं आए और दूसरी जगह स्थानांतरण करा लिया। जिला अस्पताल में विशेषज्ञों की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा चुका है। प्रयास किया जा रहा है कि जल्द ही जिला अस्पताल में सभी विशेषज्ञों की तैनाती कराई जाए। ताकि मरीजों को इधर-उधर भटकना न पड़े।