शमसाबाद। सिराथू के बिजलीपुर गांव में हफ्तेभर से खसरा यानि चिकनपाक्स का प्रकोप है। बच्चे, महिलाएं समेत दर्जनों लोग इस बीमारी की चपेट में है। बुधवार के अंक में अमर उजाला ने गांव में बीमारी फैलने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की। खबर का असर रहा कि सुबह ही डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा चिकित्सकों की टीम लेकर गांव पहुंचे। टीम को 13 लोग खसरे से पीड़ित मिले। डॉक्टरों ने सभी बीमारों की जांच करके उन्हें दवा मुहैया कराई। साथ ही ग्रामीणों का साफ-सफाई के साथ रहने की सीख भी दी।
सिराथू तहसील के बिजलीपुर गांव में आठ दिन से खसरा फैला हुआ है। बुखार आने के बाद लोगों के पूरे बदन में बड़े-बड़े पानी भरे दाने निकल आए हैं। एक के बाद एक दर्जनों लोगों के बीमार होने के बाद भी स्वास्थ्य महकमा खामोश बना था। ग्रामीणों की मानें तो एएनएम को बीमारी फैलने की जानकारी भी दी गई थी। इसके बाद भी कोई भी डॉक्टर जांच को गांव नहीं आया।
बुधवार के अंक में अमर उजाला ने बिजलीपुर गांव में खसरे का प्रकोप शीर्षक से खबर प्रकाशित की। खबर को संज्ञान में लेते हुए सीएमओ डॉ. आरके मिश्रा ने बुधवार की सुबह ही डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम गांव भेजी। टीम ने गांव के सभी बीमारों की जांच की। डॉ. वर्मा ने बताया कि गांव के अच्छे मियां (50), सुबरा (7), मेराज (22), तोनैन (20), बानो बीवी (65), रीता देवी (16), सुमित्रा देवी (45), गोमती देवी (42), शिवमोहन (50), मुनिया देवी (48), सिमरन (15) और अनवर जहां (35) खसरा यानि चिकनपाक्स से पीड़ित मिले हैं।
बताया कि मेराज अभी 8 दिन पहले ही मुंबई से लौटा है। वह खसरे से पीड़ित था। उसकी की छुआछूत से यह बीमारी गांव के अन्य लोगों में फैली है। उन्होंने ग्रामीणों को सफाई के साथ रहने और बीमारों के कपड़े, तौलिया, बिस्तर आदि का इस्तेमाल नहीं करने की हिदायत दी।