करारी/पिंडरा। बच्चों के खेल-खेल में शनिवार की शाम सैबसा गांव के एक मकान में आग लग गई। लपटों की जद में दो साल की एक मासूम बालिका जिंदा जल गई। वहीं दो माह की दुधमुंही बच्ची समेत तीन अन्य बच्चे बाल-बाल बच गए। चीख-पुकार पर दौड़े गांववालों ने आग पर काबू पाया। आग से हजारों रुपये की गृहस्थी भी जल गई। हादसे से मासूम की मौत से घर-परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
करारी कोतवाली क्षेत्र के सैबसा गांव निवासी रमेश विश्वकर्मा किसान है। उसकी मां सूरजकली ने बताया कि शनिवार की शाम किसी काम से रमेश करारी बाजार गया था। बहू राजरानी खेत की ओर चली गई थी। वह घर के सामने बैठी थी। जबकि रमेश के तीन बच्चे शिवानी (07) प्रीती (02), और भतीजा अरविंद (4) घर के पीछे खेल रहे थे।
वहीं उसकी दो माह की दुधमुंही बच्ची भी लेटी थी। बताया जाता है कि खेलते समय बच्चों से पुआल में लगी भड़क कर उसके घर तक जा पहुंची। घर जलता देख उसकी छोटी बेटी प्रीति डरवश भीतर भागी। जबकि शिवानी और अरविंद भागकर दादी के पास पहुंचे और आग लगने की जानकारी दी।
घर में आग लगने की जानकारी मिलते ही सूरजकली चीखते-चिल्लाते दौड़ी और दो महीने की दुधमुंही बच्ची को तो ले भागी, लेकिन जब तक गांववाले दौड़ते घर के भीतर भागी प्रीति की लपटों की चपेट में आने से मौत हो चुकी थी। उधर, जुटे ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया, लेकिन वे मासूम बालिका की जान नहीं बचा सके। मौत से घर-परिवार में कोहराम मचा हुआ है। सूचना पर पहुंची करारी पुलिस ने छानबीन की।